Covid-19

भारत में कोविड-19 टीकाकरण अभियान

भारत में कोविड-19 टीकाकरण अभियान 

कोविड-19 वैश्विक महामारी भारत सहित सम्पूर्ण विश्व के लिए चुनौती बना हुआ है। भारत में कोविड-19 से अब तक 1,04,85,420 व्यक्ति संक्रमित हो चुके हैं जिनमें से 1,51,389 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है तथा 2,14,715 व्यक्ति इलाजरत हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, सिंगापुर, जर्मनी, रूस तथा जापान में कोविड-19 वैक्सीनेशन कार्यक्रम चल रहा हैं।

भारत सरकार 16 जनवरी 2021 से अपने नागरिकों का कोविड-19 टीकाकरण अभियान चलाने जा रही है जो कि विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान है। कोविड-19 टीकाकरण अभियान के लिए भारत सरकार द्वारा सीरम इंस्टीट्यूट आफ इण्डिया के कोविशील्ड वैक्सीन के 6.6 करोंड़ डोज खरीदने का करार किया है जिसमें से प्रथम एक करोंड़ की कीमत 200 रू0 / डोज तथा शेष 5.6 करोंड़ डोज की कीमत प्रति डोज 200 रूपये से कुछ अधिक होगी। इसके बाद उक्त वैक्सीन की 1000 रू0 / वैक्सीन की दर से प्राइवेट बाजार में बिक्री होगी। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा भारत बायोटेक कम्पनी से उसकी कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सीन की 55 लाख डोज खरीदने का निर्णय भी लिया गया  है।

भारत सरकार द्वारा कोविड-19 की वैक्सीन के कुल 160 करोड़ (आक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की 50 करोंड़ डोज, स्पूतनिक-वी की 10 करोंड़ डोज तथा नोवावैक्स की 100 करोंड़ डोज) का आर्डर दिया गया है जो कि भारत की कुल आबादी से अधिक है।

भारत सरकार द्वारा 31 जुलाई 2021 तक 30 करोंड़ वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा गया है।

टीकाकरण अभियान हेतु भारत सरकार द्वारा किये गये इन्तजामः

उक्त टीकाकरण अभियान के लिए पूरे देश में कुल 5000 सेन्टर बनाये गये हैं। उत्तर प्रदेश में 1298 स्टोर बनाये गये हैं। उक्त टीकाकरण कार्यक्रम के लिए अब तक 2360 मास्टर ट्रेनर, 61,000 प्रोग्रम मैनेजर, 2,00000 वैक्सीनेटर और 3,70,000 अन्य वैक्सीनेशन दल सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया है। वैक्सीनों के भण्डारण के लिए भारत सरकार द्वारा करनाल, कोलकाता, चेन्नई व मुम्बई में एक-एक बड़ा कोल्ट स्टोर यानी कुल 04 बड़े कोल्ड स्टोर बनाये गये हैं। इन कोल्ड स्टोरों से उक्त  वैक्सीन को विभिन्न राज्यों के 37 संचालित कोल्ड स्टोर में भेजी जायेगी।

देश भर में कोविड-19 वैक्सीन पहुंचाने के लिए भारत सरकार द्वारा भारी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। 29,000 कोल्ड चेन प्वाइंट, 240 वाक-इन कूलर, 70 वाक- इन फ्रीजर, 41,000 डीप फ्रीजर एवं 45,000 रफ्रिजरेटर तथा 300 सोलर रेफ्रिजरेटर की व्यवस्था की गयी है।

टीकाकरण का वरीयता क्रमः

वैक्सीनेशन के प्रथम चरण में हेल्थ वर्कर्स (डाक्टर, नर्स, मेडिकल स्टाफ आदि) को वैक्सीन लगायी जायेगी। तत्पश्चात फ्रन्टलाइन वर्कर्स (केन्द्रीय एवं राज्य पुलिस विभाग, सशस्त्र बल, होमगार्ड, आपदा प्रबन्धन व नागरिक सुरक्षा संगठन, जेल कर्मी, राजस्व कर्मी) तथा नगर पालिका कर्मियों के लगभग दो करोंड़ व्यक्तियो को टीका लगाया जायेगा।

तृतीय वरीयता क्रम में- 1. 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों,  2. 50-60 वर्ष तक की आयु तथा 50 वर्ष से कम आयु वाले बीमार लोगों, 3. अन्य सभी लोगों को टीका लगाया जायेगा। आयु की गणना भारत सरकार द्वारा निर्गत मतदाता सूची के आधार पर की जायेगी।

हेल्थ वर्कर्स तथा फ्रन्टलाइन वर्कर्स का डाटा सरकार के पास पूर्व से ही उपलब्ध होने के कारण वैक्सीन लगवाने के लिए इन्हें अपना रजिस्ट्रेशन करने का आवश्यकता नही होगी। अन्य सभी वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक है।

कोविन एपः

कोविड-19 टीकाकरण के लिए वैक्सीन वितरण की निगरानी, डाटा रखने एवं लोगों को वैक्सीन के पंजीकरण कराने हेतु भारत सरकार द्वारा कोविन (Co-WIN) vनामक एप बनाया गया है। भारत के वे नागरिक जो हेल्थ वर्कर्स नही हैं, को वैक्सीन लगवाने के लिए इस एप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करके माड्यूल के माध्यम से वैक्सीन का पंजीकरण कराना होगा।

उक्त एप में कुल पांच माड्यूल (प्रथम माडल प्रशासनिक इकाई, द्वितीय माडल रजिस्ट्रेशन के लिए, तृतीय माडल वैक्सीनेशन माडल, चतुर्थ माडल लाभान्वित स्वीकृति माडल तथा पंचम माडल रिपोर्ट माड्यूल) है।

प्रशासनिक माडल के माध्यम से टीकाकरण कार्यक्रम का संचालन करने वाले लोग टीकाकरण कार्यक्रम के लिए सेशन तय करेंगे।

रजिस्ट्रेशन माडल के माध्यम से वे लोग जो टीका लगवाना चाहते हैं, टीकाकरण के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवाएंगे।

वैक्सीनेशन माड्यूल उन सभी लोगों को वेरीफाई करेगा जो टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन करवाये हैं।

लाभान्वित स्वीकृत माड्यूल के माध्यम से टीकाकरण के लाभान्वित व्यक्तियों को मैसेज भेजे जाएंगे। लोगों को वैक्सीन लगवाने का ई-प्रमाणपत्र भी इसी माडल से प्राप्त होगा।

रिपोर्ट माड्यूल के माध्यम से टीकाकरण की जानकारी (टीकाकरण के कितने सेशन आयोजित हुए, कितने लोग टीका लगवाये, कितने लोग टीका नही लगवाये) एकत्र की जायेगी।

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रियाः

कोविड-19 वैक्सीनेशन हेतु कही जाने की कोई आवश्यकता नही है। अपने घर या आफिस या अन्य किसी भी स्थान पर रहते हुए अपने मोबाइल फोन में प्ले स्टोर पर जाकर  Co-WIN  एप Download करके वैक्सीनेशन रजिस्ट्रेशन के Option  select करें। मांगी गयी जानकारी का सम्पूर्ण ब्यौरा तथा अपनी फोटो अपलोड करें। आप के मोबाइल फोन पर रजिस्ट्रेशन का मैसेज आयेगा जिसमें वैक्सीनेशन की तिथि, समय तथा सेन्टर का पता अंकित होगा।

टीका लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए आवश्यक दस्तावेजः

आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, पासपोर्ट, जाब कार्ड, मनरेगा कार्ड, बैंक पास बुक, पेंशन डाक्यूमेन्ट या पोस्ट आफिस पास बुक में से कोई एक आवश्यक है।

वैक्सीनेशन टीम के सदस्य तथा उनके कार्यः

वैक्सीनेशन टीम के सदस्य चिकित्सक, नर्स, फार्मासिस्ट, पुलिस, होमगार्ड तथा सिविल डिफेंस के व्यक्ति होंगे। पुलिस, होमगार्ड तथा सिविल डिफेंस के व्यक्ति वैक्सीन लगवाने हेतु आये हुए व्यक्ति के रजिस्ट्रेशन की स्थिति व दस्तावेजों की जांच करेंगें एवं भीड़ प्रबन्धन/ नियन्त्रण का कार्य देखेंगे। चिकित्सक, नर्स तथा फार्मासिस्ट मिलकर टीकाकरण का कार्य करेंगे।

रजिस्ट्रेशन के बाद टीकाकरण की प्रक्रियाः

टीकाकरण कराने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद टीका लगवाने वाला व्यक्ति मोबाइल फोन में आए हुए वैक्सीनेशन मैसेज में निर्धारित तिथि व समय पर सम्बन्धित आई0 डी0 सहित वैक्सीनेशन सेण्टर पर जायेगा जहां पर उसकी फोटो तथा आई0 डी0 की जांच के बाद वेटिंग रूम में ले जा कर उसके द्वारा रजिस्ट्रेशन कराते समय दी गई जानकारियों का मिलान किया जायेगा । तत्पश्चात वैक्सीनेशन कक्ष में ले जा कर टीका लगाया जायेगा। टीका लगने के बाद मोबाइल फोन पर मैसेज आयेगा जिसके बाद आधे घण्टे तक आब्जर्वेशन कक्ष में चिकित्सीय निगरानी में रखा जायेगा। तत्पश्चात डिस्चार्ज किया जायेगा।

टीकाकरण की प्रथम डोज के 28 दिन बाद मोबाइल फोन पर तीसरा मैसेज भेजकर वैक्सीन की दूसरी डोज के लिए बुलाया जायेगा। तब निर्धारित वैक्सीनेशन सेन्टर पर जा कर वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई जायेगी।

वैक्सीन की दूसरी डोज के 14 दिन बाद जांच होगी कि शरीर में एण्टीबाडी बन गई है या नही। जांच के बाद मोबाइल फोन पर वैक्सीनेशन पूर्ण होने का चौथा मैसेज आयेगा। यहीं पर वैक्सीनेशन की कार्यवाही पूर्ण हो जायेगी।

भारत में टीकाकरण के लिए उपलब्ध वैक्सीनः

भारत में कोविड-19 के इलाज के लिए ड्रग कन्ट्रोलर जनरल आफ इण्डिया (D.C.G.I.) द्वारा दो वैक्सीन कोविशील्ड तथा कोवैक्सीन को अनुमति प्रदान की गई है जिनका टीकाकरण किया जायेगा।

कोविशील्ड आक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका का संस्करण हो जिसे भारत में सीरम इंस्टीट्यूट आफ इण्डिया नें बनाया है। कोवैक्सीन को भारत बायोटेक कम्पनी तथा आई0 सी0 एम0 आर0 ने मिल कर तैयार किया है जो पूरी तरह स्वदेशी है।

कोविड-19 टीकाकरण के लिए भारत में बनायी जा रही अन्य वैक्सीनों का विवरणः

कैडिला हेल्थकेयर कम्पनी द्वारा ZyCoV-Dनामक वैक्सीन बनायी जा रही है जिसका तीसरा क्लनिकल ट्रायल चल रहा है।

रूस की गेमालाया नेशनल सेंटर द्वारा बनायी गयी वैक्सीन स्पूतनिक-वी का भारत में उत्पादन हैदराबाद की डाक्टर रैटीज लैब द्वारा किया जा रहा है जे क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में है।

संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा निर्मित HGCO19 वैक्सीन का भारत में उत्पादन पूणे की जिनोवा कम्पनी कर रही है जिसका दूसरा क्लिनिकल ट्रायल आरम्भ होने वाला है।

भारत की आरोबिन्दो फार्मा कम्पनी द्वारा अमेरिका की आरोंवैक्सीन के साथ मिलकर कोविड-19 नैक्सीन बनायी जा रही है जो कि अभी प्री-डेवलपमेन्ट स्टेज पर है।

अमेरिका द्वारा निर्मित M.I.T.कम्पनी द्वारा निर्मित वैक्सीन प्रोटीन एण्टीजेन वेस्ड वैक्सीन का भारत में उत्पादन हैदराबाद की बायोलाजिकल-ई कम्पनी कर रही है जो क्लीनिकल ट्रायल के दूसरे चरण में हैं।

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