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लहसुन के फायदे और नुकसान

लहसुन के फायदे और नुकसान

लहसुन एक खाद्य पदार्थ होने के साथ-साथ एक औषधीय पौधा है जो कि सम्पूर्ण भारत में पाया / उगाया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम एलियम सैटिवुम है। विश्व में लहसुन का सर्वाधिक उत्पादन चीन में तथा दूसरे स्थान पर भारत में होता है। लहसुन विटामिन्स तथा मिनरल्स की खान है जिसमें विटामिन-ए, विटामिन-बी, विटामिन-सी, सल्फर, ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, वसा, कैल्शियम, सेलेनियम, कार्बोहाइड्रेट, लोहा, एलिसिन, फास्फोरस, डाइटरी फाइबर तथा सल्फ्यूरिक अम्ल पर्याप्त मात्रा में पाये जाते हैं। इसके साथ-साथ लहसुन में एन्टीफंगल, एन्टीबैक्टीरियल तथा एन्टीआक्सीडेन्ट के गुण भी पाये जाते हैं। भारी मात्रा में सल्फर पाये जाने के कारण लहसुन में गंध तथा तीखापन पाया जाता है।

लहसुन के नियमित सेवन से कई लाभ होते हैं। प्रश्न उठता है कि लहसुन का कब सेवन किया जाय तथा कितनी मात्रा में सेवन किया जाय ताकि अधिकाधिक लाभ मिल सके। वैसे तो लहसुन कभी भी खाया जा सकता है, लहसुन कच्चा खाया जाता है, पेस्ट बनाकर खाया जाता है, सलाद में छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर खाया जाता है, मसालों के साथ पीस कर सब्जी में पकाकर खाया जाता है, भून कर खाया जाता है, दाल सब्जी आदि में तड़का लगाकर खाया जाता है, चाय के रूप में सेवन किया जाता है, शहद के साथ खाया जाता है, टमाटर तथा धनिया आदि के साथ मिलाकर पीस कर जूस के रूप में भी सेवन किया जाता है परन्तु अधिकाधिक लाभ लेने के लिए कच्चे व ताजे लहसुन को सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ या रात को डिनर के बाद सोते समय गुनगुने पानी के साथ करना चाहिए। लहसुन का सेवन अत्यन्त लाभदायक होता है परन्तु अधिक मात्रा में सेवन करने से नुकसानदायक हो जाता है इसलिए कच्चे लहसुन का अधिक मात्रा में सेवन नही करना चाहिए। शारीरिक क्षमता के अनुसार कच्चे लहसुन की 1 से 3 कलियों का नियमित सेवन करने से अधिकाधिक लाभ होते हैं। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को नियमित रूप से लहसुन का सेवन न करते हुए कम से कम लहसुन का सेवन करना चाहिए।

यदि कच्चा लहसुन खाने में गंध व तीखेपन के कारण असुविधा होती है तो पानी के स्थान पर शहद का प्रयोग किया जा सकता है। डायबिटीज से पीड़ित होने की दशा में शहद का प्रयोग नही किया जाना चाहिए। एलर्जी तथा लो ब्लड प्रेशर से पीड़ित व्यक्तियों को लहसुन का सेवन नही करना चाहिए। पाठकगण की सेवा में प्रस्तुत इस लेख में लहसुन के सेवन से होने वाले फायदों तथा नुकसान पर प्रकाश डाला जा रहा है जिसका भलीभांति अध्ययन कर लाभान्वित हो सकते है।

 लहसुन के सेवन के फायदेः

  1. पेट की समस्याओं में बेहद उपयोगी हैः सुबह खाली पेट लहसुन की सामान्य आकार की 1से 2 कलियों को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ें कर के गर्म पानी में डालकर 5 मिनट बाद चबा चबा कर खाकर उक्त पानी को पी लें तथा रात को डिनर के बाद सोते समय लहसुन की एक कली चबा चबा कर खाकर गुनगुने पानी पियें। इसका नियमित रूप से सेवन करने से शरीर के अन्दर के विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं, कब्ज, गैस तथा डायरिया की समस्या समाप्त हो जाती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। रक्तशोधित हो जाता है। पाचन शक्ति बढ़ जाती है। पाचन तन्त्र स्वस्थ हो जाता है।
  2. हृदय को स्वस्थ रखता हैः लहसुन का नियमित रूप से सेवन करने से इसमें पाया जानें वाला सल्फर बैड कोलेस्ट्राल को कम कर देता है, रक्त शोधन कर देता है, रक्तवाहिकाओं में रक्त संचार सन्तुलित कर देता है तथा हृदय को स्वस्थ रखता है जिससे हृदयाघात की संभावना काफी कम हो जाती है।
  3. मोटापा कम हो जाता हैः लहसुन का नियमित रूप से सेवन करने से इसमें पाया जाने वाला सल्फर अनावश्यक चर्वी को कम कर देता है जिसके कारण वजन कम होकर मोटापा कम हो जाता है।
  4. मधुमेह रोग में अत्यन्त लाभकारी हैः लहसुन का नियमित रूप से सेवन करने से धीरे-धीरे शुगर लेवल घट जाता है तथा मधुमेह रोग नियन्त्रित हो जाता है।
  5. ब्लड प्रेशर नियन्त्रित रहता हैः लहसुन का नियमित रूप से सेवन करने से शरीर का ब्लड प्रेशर नियन्त्रित रहता है। हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्तियों को लहसुन का नियमित सेवन करना चाहिए, इससे उनका ब्लड प्रेशर कम हो जाता है।
  6. त्वचा की असमय स्ट्रेच मार्क से रक्षा करता हैः लहसुन का नियमित रूप से सेवन करने से शरीर पर असमय स्ट्रेच मार्क / झुर्रियां नही पड़ती तथा त्वचा में खिंचाव आता है तथा त्वचा स्वस्थ रहती है।
  7. पिंपल, मुहांसो से त्वचा की रक्षा करता हैः लहसुन की दो कली को छीलकर सरसों के तेल में पीस कर पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाकर धीरे-धीरे मलिश करने से इसमें मौजूद एंटीफंगल, एंटीआक्सीडेन्ट व एंटीबैक्टीरियल गुण तथा सल्फर के कारण चेहरे पर पिंपल, मुहांसे नहीं होते। यदि पिंपल, मुहांसे हो गये हैं तो धीरे-धीरे ठीक हो जाते है। त्वचा में निखार आता है तथा त्वचा स्वस्थ रहती है।
  8. बाल स्वस्थ हो जाते हैः लहसुन तथा शहद का पेस्ट बनाकर सिर तथा बालों में लगाकर धीरे-धीरे 5 मिनट तक मसाज करें तथा आधे घण्टे बाद ठण्डे पानी से धो लें। इस मिश्रण का प्रयोग सप्ताह में दो से तीन बार करते हुए चार सप्ताह तर नियमित रूप से करने से लहसुन में पाये जाने वाले एंटीफंगल, एंटीआक्सीडेन्ट व एंटीबैक्टीरियल गुण, विटामिन-सी तथा सल्फर व सेलेनियम तत्व बालों को जड़ से मजबूत करते हुए झड़ने से रोंकते हैं, डैंड्रफ नष्ट करते हैं, बाल लम्बे, घने, मोटे, चमकदार, रेशमी व स्वस्थ हो जाते है।
  9. अन्य लाभः लहसुन का नियमित रूप से सेवन करने से कोलेस्ट्राल कम हो जाता है। तनाव से मुक्ति मिलती है। हडड्यां मजबूत हो जाती है। दांत तथा मसूढ़े स्वस्थ रहते हैं। आंखें स्वस्थ रहती हैं। वजन नियन्त्रित रहता है।

लहसुन के सेवन से नुकसानः

लहसुन का अधिक सेवन करने से एसिडिटी हो सकती है। कब्ज, गैस व वमन की समस्या हो सकती है। ब्लड प्रेशर लो हो सकता है। एलर्जी हो सकती है। इसलिए लो ब्लड प्रेशर से पीड़ित व्यक्तियों को लहसुन के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि उनका ब्लड प्रेशर काफी कम होकर समस्या उत्पन्न कर सकता है। एलर्जी से पीड़ित व्यक्तियों को लहसुन का सेवन नही करना चाहिए।

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