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अंकुरित अनाज के फायदे और नुकसान Sprouts Benefits and Side Effects In Hindi

अंकुरित अनाज के फायदे और नुकसान

अंकुरित अनाज के फायदे तथा नुकसान समझने के पूर्व भलीभांति यह समझ लेना आवश्यक है कि अंकुरित अनाज क्या है, कैसे अंकुरित किया जाता है तथा इसके सेवन का समय क्या है। प्रस्तुत लेख के माध्यम से आज हम आप को अंकुरित अनाज, अनाज अंकुरित करने की विधि, सेवन का समय तथा इसके फायदे व नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

अंकुरित अनाज क्या है ?

जब किसी अनाज को कई घण्टे तक पानी में भिगोने के बाद हवा एवं नमी के सम्पर्क में लाने पर उसमें अंकुर निकल आते हैं तो उसे अंकुरित अनाज कहा जाता है। अंकुरित होने के बाद अनाज में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाने के कारण उसकी पौष्टिकता काफी बढ़ जाती है। चना, मटर, मूंग, राजमा, जौ, बाजरा, मसूर, सोयाबीन, मेथी, गेहूं आदि अनाजों को अंकुरित करके खाया जाता है। अंकुरित अनाज को कच्चा ही खाया जाता है परन्तु आवश्यकतानुसार पका कर भी खा सकते हैं।

अनाज अंकुरित करने की विधिः

जिस अनाज को अंकुरित करना है, उसे रात भर पानी मे पूरी तरह भिगों दें, सुबह पानी से निकाल कर सूती भीगे कपड़ें में बांध दें, समय-समय पर कपड़े को भिगोते रहें, अनाज की नमी सूखने न पाये, 24 से 36 घण्टे में अनाज अंकुरित हो जाता है।

अंकुरित अनाज के सेवन का सर्वोत्तम समयः

वैसे तो अंकुरित अनाज का केवन किसी भी समय किया जा सकता है परन्तु यदि सुबह के नाश्ते में सेवन किया जाता है तो इसके विशेष लाभ मिलते हैं। भोजन के समय भी अंकुरित अनाज का सेवन किया जा सकता है। इस प्रकार अंकुरित अनाज के सेवन के सर्वोत्तम समय सुबह का है।

अंकुरित अनाज में पाये जाने वाले तत्वः

अंकुरित अनाज में पोटैशियम, आइरन, विटामिन-ई, प्रोटीन, फालिक एसिड, नियासिन, राइबोफ्लेविन, मैग्नीशियम, तांबा, जिक आदि पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं।

अंकुरित अनाज के सेवन से लाभः

शरीर का वजन नियन्त्रित रखता हैः अंकुरित अनाज में प्रचुर मात्रा में विटामिन, प्रोटीन, खनिज लवण, फाइबर तथा सूक्ष्म पोषक तत्व पाये जाते हैं। अंकुरित अनाजों में कैलोरी कम तथा फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है जिसके कारण इनके सेवन से भूख कम लगती है तथा शरीर का वजन नियन्त्रित रहता है। यदि शरीर का वजन कम है तो अंकुरित अनाजों के सेवन से वजन सामान्य हो जाता है। यदि वजन बढ़ हुआ हैं अर्थात् कोलेस्ट्राल बढ़ गया है तो अंकुरित अनाज (चना, मूंग) के नियमित सेवन से कोलेस्ट्राल कम होकर वजन कम हो जाता है अर्थात् सामान्य हो जाता है।

रक्तचाप नियन्त्रित करता हैः अंकुरित अनाजों में प्रचुर मात्रा में पोटैशियम पाया जाता है जिसके कारण अंकुरित अनाजों के सेवन से रक्त चाप नियन्त्रित रहता है जिसके कारण दिल का दौरा पड़ने की संभावना बहुत कम रहती है।

कोलेस्ट्राल नियन्त्रित करते हैः अंकुरित अनाजों में पर्याप्त मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है जिसके कारण अंकुरित अनाजों के नियमित सेवन से शरीर में कोलेस्ट्राल नियन्त्रित रहता है तथा हृदय तनाव नियन्त्रित रहता है।

रक्त में शर्करा की मात्रा नियन्त्रित करते हैः अंकुरित अनाज मानव शरीर में ग्लूकोज को तोड़ने व पचाने वाले एमाइलेज एंजाइम की कार्य क्षमता को बढ़ा देते हैं । अपने इस गुण के कारण अंकुरित अनाज का नियमित मानव शरीर में रक्त में शर्करा अर्थात् शुगर की मात्रा नियन्त्रित रहता है। मधुमेह के रोगियों के लिए अंकुरित अनाजों को सेवन अत्यन्त लाभदायक है। मधुमेह में अंकुरित मेथी का नियमित सेवन करने से धीरे-धीरे मधुमेह रोग खत्म हो जाता है।

पाचन शक्ति बढ़ाते हैः अंकुरित अनाजों में अघुलनशील फाइबर पर्याप्त मात्रा में पाये जाते हैं जिसके कारण अंकुरित अनाजों का नियमित सेवन करने से पाचन शक्ति बढ़ जाता है।

एनीमिया रोग को दूर करते हैः अंकुरित अनाजों में पर्याप्त मात्रा में आइरन पाया जाता है। आइरन की कमी से मनुष्य के शरीर में हीमोग्लिबिन अर्थात् लाल रक्त कणिका की मात्रा कम हो जाती है जिसके कारण एनीमिया रोग हो जाता है जिसे हिन्दी में रक्ताल्पता कहा जाता है। अंकुरित अनाजों का नियमित सेवन करने से आइरन की कमी पूरी हो जाने के कारण एनीमिया रोग ठीक हो जाता है।

गर्भवती महिलाओं के लिए अत्यन्त गुणकारी हैः अंकुरित अनाज में फोलेट की मात्रा कम पायी जाती है, विटामिन, खनिज पदार्थ तथा प्रोटीन आदि प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं जिसके कारण नियमित रूप से अंकुरित अनाज का सेवन करने से गर्भवती महिलाओं में तन्त्रिका तन्त्र सम्बन्धी विकार नही होते है, स्वास्थ्य अच्छा रहता है तथा भ्रूण में पल रहा बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व  मिलते रहते हैं।

आंखों स्वस्थ रहती हैः अंकुरित अनाजों में विटामिन ए काफी मात्रा में पाया जाता है जिसके कारण विटामिन ए से भरपूर अंकुरित अनाजों के नियमित सेवन से आंखों की रोशनी बढ़ती है, अंधेपन की समस्या समाप्त होती है तथा मोतियाबिन्द की संभावना कम हो जाती है।

बाल स्वस्थ रहते हैः अंकुरित अनाजों में पर्याप्त मात्रा विटामिन सी पाया जाता है जिसके कारण अंकुरित अनाजों का नियमित सेवन करने से बाल स्वस्थ रहते हैं।

यौन शक्ति बढ़ाते हैः अंकुरित चना विटामिन, मिनरल, प्रोटीन आदि से समृध्द होने कारण निरन्तर / नियमित सेवन करने से मनुष्य की यौन शक्ति बढ़ा देते हैं।

त्वचा कैंसर से रक्षा करते हैः अंकुरित अनाजों में एण्टी-आक्सीडेण्ट का गुण पाया जाता है। अंकुरित अनाजों का नियमित सेवन त्वचा कैंसर से रक्षा करता है।

रक्त का शुध्दीकरण करता हैः अंकुरित अनाज का नियमित सेवन करने से मानव शरीर का रक्त शुध्द होता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैः अंकुरित अनाजों में एण्टी-आक्सीडेन्ट का गुण पाये जाने के कारण नियमित सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

अंकुरित अनाज के सेवन से नुकसानः

अंकुरित अनाजों का अधिक सेवन करने से शरीर में विषाक्तता पैदा हो सकती है जो शरीर के नुकसान पहुंचाते हैं। अंकुरित अनाजों के अधिक सेवन से ई. कोलाई, लिस्टीरिया और साल्मोनेला टाइफी नामक जीवाणु पनप सकते हैं। ई. कोलाई जीवाणु पेट में दस्त, ऐंठन, यूरिनरी इंफेक्शनआदि समस्याएं उत्पन्न कर  सकता है तथा स्वास्थ्य प्रभावित कर सकता है। साल्मोनेला टाइफी नामक जीवाणु टाइफाइड ज्वर उत्पन्न कर सकता है। लिस्टीरिया नामक जीवाणु किडनी से सम्बन्धित समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।

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