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तिल का तेल खाने के 15 बेहतरीन फायदे तथा नुकसान

तिल का तेल खाने के 15 बेहतरीन फायदे तथा नुकसान

तिल का तेल, तिल के बीजों से निकाला जाता है जो कि एक खाद्य वनस्पति तेल है। तिल समस्त भारत में सर्वत्र सुलभ है। तिल मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है-काली तथा सफेद। काली तिल अधिक पौष्टिक होती है। तिल की तासीर गर्म होती है जो कफ तथा पित्त दोष को कम करती है। सर्दियों में लोग इसका अधिक इस्तेमाल करते है जिससे सर्दी से शरीर की रक्षा होती है। तिल सिंधु घाटी सभ्यता का मुख्य फसल थी जिसकी खेती सिंधु के निवासियों भारी पैमाने पर की जाती थी।

तिल का वानस्पतिक नाम सिसेमम इण्डिकम” हैं। तिल के एक या दो नही कई-कई नाम हैं। तिल को संस्कृत भाषा में स्नेहफल, कन्नड़ भाषा में एल्लू, बंगाली में तिलगाछ तिल, नेपाली भाषा में तिल, उर्दू भाषा में तिल, अरबी में सिमसिम तथा हिन्दी भाषा में तिल के नाम से जाना जाता है। तिल के बीज को भून कर जिस तेल को निकाला जाता है वह तेल खाने में काफी स्वादिष्ट होता है। तिल के तेल को खाने से अनेकानेक लाभ हैं, खाने में इस्तेमाल करें तिल का तेल फिर देखें कमाल। प्रश्न उठता है कि तिल के तेल में ऐसे कौन-कौन से तत्व पाये जाते हैं जिसके कारण तिल के तेल के अनेकानेक लाभ हैं? तिल का तेल खाने के क्या-क्या लाभ हैं? क्या-क्या नुकसान है? इस लेख में तिल के तेल में पाये जाने वालें तत्वों, तिल के तेल के सेवन से होने वाले प्रमुख लाभों तथा अधिक सेवन करने से होने वाले नुकसान पर प्रकाश डाला जा रहा है जिसका भलीभांति अध्ययन करके ज्ञान अर्जित किया जा सकता है।

तिल  के तेल में पाये जाने वाले तत्वः

तिल का तेल विटामिन-E तथा विटामिन-K का समृध्द भण्डार है जिसकी 100 ग्राम मात्रा में विटामिन-E 1.4 mg, विटामिन-K 13.6 µg पाया जाता है। तिल का तेल पोषक तत्वों का भी समृध्द भण्डार है। तिल के तेल में कैल्शियम, मैग्नीशियम, तांबा, जिंक, आयरन, सेमसिन, प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन-बी, वसा, लेसिथिन आदि पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। तिल के तेल से काफी मात्रा में ऊर्जा प्राप्त होती है। 100 ग्राम तिल के तेल से 880 KCl ऊर्जा प्राप्त होती है। तिल के तेल में एन्टी-आक्सीडेन्ट तथा एन्टी बैक्टीरियल के गुण पाये जाते हैं।

तिल का तेल खाने के फायदेः

  1. मधुमेह रोग नियन्त्रित हो जाता हैः तिल के तेल का नियमित सेवन करने से धीरे-धीरे मधुमेह रोग नियन्त्रित हो जाता है।
  2. हृदय रोग का जोखिम कम हो जाता हैः तिल के तेल का नियमित सेवन करने से इसमें पाया जाने वाला विटामिन-के तथा एन्टी-आक्सीडेन्ट गुण हृदयाघात व स्ट्रोक जैसी गम्भीर बीमारियों के जोखिम को कम कर देता है तथा हृदय को स्वस्थ रखता है।
  3. आंखों को स्वस्थ रखता हैः तिल के तेल का सेवन करने से इसमें पाया जाने वाला सेमसिन नामक तत्व आंख की रेटिना की सूजन को कम करके अन्धेपन से बचाव करता है तथा आंखों को स्वस्थ रखता है।
  4. जोड़ों के दर्द में लाभकारी हैः तिल के तेल का नियमित सेवन करने से शरीर के जोड़ों के दर्द तथा दांत के दर्द में लाभ होता है।
  5. अनिद्रा रोग समाप्त हो जाता हैः तिल के तेल का सेवन करने से मस्तिष्क में रक्त संचार सन्तुलित हो जाता है। धीरे-धीरे अनिद्रा रोग समाप्त हो जाता है। अनिद्रा तथा थकान दूर होकर गहरी नींद आती है तथा शरीर में स्फूर्ति आ जाती है।
  6. शरीर की सूजन को समाप्त कर देता हैः तिल के तेल का सेवन करने से धीरे-धीरे शरीर की सूजन समाप्त हो जाती है।
  7. हाई ब्लड प्रेशर कम हो जाता हैः तिल के तेल का सेवन करने से धीरे-धीरे हाई ब्लड प्रेशर कम होकर नियन्त्रित हो जाता है।
  8. आर्थ्राइटिस रोग कम हो जाता हैः तिल के तेल का सेवन करने से धीरे-धीरे आर्थ्राइटिस रोग कम हो कर नियन्त्रित हो जाता है।
  9. पीलिया रोग में अत्यन्त लाभकारी हैः तिल के तेल का सेवन करने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है तथा पीलिया रोग में काफी लाभ होता है।
  10. पाचन क्रिया बेहतर हो जाती हैः तिल के तेल का सेवन करने से पाचन क्रिया बेहतर हो जाती है तथा कब्ज, गैस, एसिडिटी की समस्या नही होती है।
  11. हड्डियां मजबूत हो जाती हैः तिल के तेल का सेवन करने से इसमें भारी मात्रा में पाया जाने वाला कैल्शियम मानव शरीर की हड्डियों, मसूढ़ों तथा दांतों को मजबूत तथा स्वस्थ रखता है।
  12. सिर दर्द में बेहद लाभकारी हैः तिल के तेल का सेवन करने से सिर दर्द की समस्या दूर हो जाती है।
  13. तनाव खत्म हो जाता हैः तिल के तेल का नियमित सेवन करने से धीरे- धीरे मनुष्य का तनाव समाप्त हो जाता है तथा शरीर में स्फूर्ति आती है।
  14. कैंसर रोग में लाभकारी हैः तिल के तेल का सेवन करने से इसमें पाया जाने वाला एन्टी आक्सीडेन्ट कैंसर रोधी गुण कैंसर कोशिकाओं को विकसित नही होने देता है।
  15. त्वचा को स्वस्थ रखता हैः तिल के तेल का सेवन करने से त्वचा स्वस्थ तथा निरोग रहती है। त्वचा में कसाव आता है तथा बढ़ती उम्र का प्रभाव कम हो जाता है।

तिल का तेल खाने के नुकसानः

तिल का तेल अधिक खाने से शरीर का वजन बढ़ सकता है। एलर्जी हो सकती है। ब्लड प्रेशर कम हो सकता है। जिन लोगों को एलर्जी की शिकायत हो उन्हें तेल के तेल को नही खाना चाहिए। जो लोग ब्लड प्रेशर को “लो” करने के लिए दवा का सेवन कर रहे हों उन्हें तिल के तेल का सेवन चिकित्सक से परामर्श लेकर करना चाहिए। जिन लोगों को “लो” ब्लड प्रेशर की समस्या हो उन्हें तेल का तेल नही खाना चाहिए।

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