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पालक खाने के 15 बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ तथा नुकसान

पालक खाने के 15 बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ तथा नुकसान

पालक सम्पूर्ण भारत उत्पादित / सेवन  किया जाता है जिसका वैज्ञानिक नाम स्पिनासिया ओलेरेसिया है। पालक का सेवन सब्जी के रूप में, जूस के रूप में, सलाद में, पराठे के रूप में तथा दाल के रूप में किया जाता है। पालक की तासीर ठण्डी होती है। पालक मुख्यतया तीन प्रकार की होती हैः  स्मूथ-लीफ पालक, सेवाय पालक तथा सेमी-सेवाय पालक। स्मूथ-लीफ पालक की पत्तियां चौंड़ी होती है। सेवाय पालक की पत्तियां गाढ़े हरे कलर की एवं सिकुड़ी हुई होती हैं। सेमी-सेवाय पालक की पत्तियां गाढ़े हरे कलर की तथा कम सिकुड़ी हुई होती हैं। सेमी-सेवाय पालक की पौष्टिकता सर्वाधिक होती है।

पालक पत्ता विटामिन्स तथा मिनरल्स का समृध्द खजाना है जिसके खाने से बहुत से लाभ है परन्तु बहुत अधिक खाने से लाभ के स्थान पर कुछ नुकसान भी होने लगते हैं । प्रस्तुत लेख में पालक पत्ते में पाये जाने वाले तत्वों, पालक पत्ता खाने से होने वाले बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ तथा अधिक सेवन से होने वाले नुकसान पर प्रकाश डाला जा रहा है जिसका भलीभांति अध्ययन कर के ज्ञानार्जन कर लाभ उठाया जा सकता है।

पालक में पाये जाने वाले तत्वः

100 ग्राम पालक पत्ते में विटामिन-A 9377 IU, विटामिन-B6  0.195 mg, विटामिन-C  28 mg, विटामिन-E  2.03 mg,  विटामिन-K  482 µg, फैटी एसिड 0.165 gm, फोलेट 194 µg, थायमिन 0.078 mg, जिंक 0.53 mg,  पोटैशियम 558 mg,  सोडियम 79 mg, नियासिन 0.7 mg, फास्फोरस 49 mg, राइवोफ्लेविन 0.149 mg, कैल्शियम 99 mg, फाइबर 2 gm, प्रोटीन 2.86 gm, शुगर 0.4 gm, वसा 0.42 gm, मैग्नीशियम 79 gm, कार्बोहाइड्रेट 3.6 gm तथा आयरन 2.7 gm आदि तत्व पाये जाते हैं। इसके अतिरिक्त ओमेगा-3 फैटी एसिड, ल्यूटिन,पेप्सिन तथा जियाथैनिन भी पाया जाता है। पालक एन्टी-आक्सीडेन्ट गुणों से समृद्द होता है।

पालक खाने के बेहतरीन स्वास्थ्य लाभः

  1. नेत्र सम्बन्धी विकार का जोखिम कम हो जाता हैः पालक पत्ते को नियमित रूप से खाने से इसमें पाया जाने वाला विटामिन-ए, विटामिन-सी, ल्यूटिन तथा एन्टी-आक्सीडेन्ट गुण नेत्रो का ज्योति मे वृध्दि करता है और नेत्र सम्बन्धी विकार का जोखिम कम हो जाता है।
  2. हृदय सम्बन्धी रोगों का जोखिम कम हो जाता हैः पालक पत्तों का नियमित सेवन करने से मनुष्य का हृदय स्वस्थ रहता है तथा हृदय सम्बन्धी रोंगों (हृदयाघात, स्ट्रोक आदि) का जोखिम कम हो जाता है।
  3. याददाश्त बढ जाती हैः पालक पत्ते को नियमित खाने से इसमें काफी मात्रा में पाया जाने वाला विटामिन-के, फोलेट, बीटा कैरोटिन तथा एन्टी-आक्सीडेन्ट गुण के कारण याददाश्त बढ़ जाती है तथा मस्तिष्क तरोताजा रहता है। विद्यार्थियों को पालक जूस का नियमित सेवन अवश्य करना चाहिए।
  4. त्वचा पर असमय आयी झुर्रिया कम हो जाती हैः पालक पत्ते को नियमित रूप से खाने से इसमें पाया जाने वाला विटामिन-ई तथा एन्टी-आक्सीडेन्ट गुण त्वचा पर असमय झुर्रियां नही आने देता है। यदि त्वचा पर असमय झुर्रियां आ गयी हैं तो पालक पत्ते का नियमित रूप से सेवन करने से त्वचा पर असमय आयीं झुर्रियां कम हो जाती है, त्वचा जवां हो जाती है, चेहरे पर निखार आ जाता है, त्वचा में कसाव आ जाता है, चेहरे की सुन्दरता बढ़ जाती है, त्वचा स्वस्थ हो जाती है तथा बढ़ती हुई उम्र का प्रभाव कम हो जाता है। पर्सनालिटी बेहतर हो जाती है।
  5. हड्डियां मजबूत हो जाती हैः पालक पत्ते को नियमित रूप से खाने से इसमें काफी मात्रा में पाया जाने वाला विटामिन-सी, कैल्शियम, फास्फोरस तथा एन्टी-आक्सीडेन्ट गुण हड्डियों का समुचित पोंषण करके मजबूत बना देता है।
  6. शरीर का वजन कम हो जाता हैः शरीर का वजन अधिक होना नाना प्रकार की बीमारियों को आमन्त्रण देता है। पालक पत्ता नियमित रूप से खाने से इसमें पाया जाने वाला फाइबर तथा प्रोटीन शरीर के वजन को कम कर देता है।
  7. कैंसर रोग का जोखिम कम हो जाता हैः पालक पत्ता नियमित सेवन करने से इसमें काफी मात्रा में पाया जाने वाला विटामिन-सी, बीटा कैरोटिन तथा एन्टी-आक्सीडेन्ट गुण कैंसर कोशिकाओं से मानव शरीर की रक्षा करता है जिससे कैंसर का खतरा कम हो जाता है।
  8. मुहांसे ठीक हो जाते हैः पालक पत्तों का नियमित सेवन करने से विटामिन-सी की कमी से होने वाले मुहांसे ठीक हो जाते हैं।
  9. गर्भावस्था में अत्यन्त लाभकारी हैः गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अधिक मात्रा में आयरन की आवश्यकता पड़ती है, जिसकी कमी होने पर नवजात शिशु का सही ढंग से विकास नही हो पाता है। पालक आयरन से समृध्द हैं जिसके कारण पालक पत्ता नियमित सेवन करने से गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी नही होने पाती, गर्भ में पल रहे शिशु का समुचित विकास होता है तथा शिशु स्वस्थ एवं समय से पैदा होता है।
  10. एनीमिया रोग ठीक हो जाता हैः पालक पत्ते का नियमित सेवन करने से इसमें पाया जानें वाला आयरन धीरे-धीरे एनीमिया रोग को ठीक कर देता है।
  11. मेटाबालिज्म बढ़ जाता हैः पालक पत्ता नियमित रूप से खाने से इसमें पाया जाने वाला फाइबर तथा प्रोटीन शरीर के मेटाबालिज्म बढ़ जाता है।
  12. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती हैः पालक पत्ता का नियमित सेवन करने से इसमें पाया जाने वाला विटामिन-ई, विटामिन-सी तथा एन्टी-आक्सीडेन्ट गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है।
  13. हाई ब्लड प्रेशर कम हो जाता हैः पालक पत्ते का नियमित सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर कम होकर सामान्य हो जाता हैं।
  14. शरीर की मांसपेशियां मजबूत हो जाती हैः पालक पत्ते का नियमित सेवन करने से मनुष्य के शरीर के हर अंग की मांसपेशियां स्वस्थ तथा मजबूत हो जाती हैं।
  15. पाचन क्रिया सक्रिय हो जाती हैः पालक पत्ता नियमित रूप से खाने से इसमें पाया जाने वाला फाइबर तथा प्रोटीन और एन्टी-आक्सीडेन्ट गुण शरीर के मेटाबालिज्म को बढ़ा देता है जिससे पाचन क्रिया सक्रिय हो जाती है तथा भूख बढ़ जाती है।

पालक पत्ता खाने से होने वाले नुकसान

पालक पत्ते का अधिक सेवन करने से पेट में दर्द, सूजन, डायरिया, उलटी आदि की समस्या उत्पन्न हो सकती है। रक्त चाप कम हो सकता है। कम रक्त चाप वालों को पालक पत्ता अधिक नही खाना चाहिए क्योंकि रक्त चाप काफी कम होकर गम्भीर संकट पैदा कर सकता है। स्टोन की समस्या से ग्रस्त लोगों  को पालक पत्ते का सेवन नही करना चाहिए क्योंकि इसमें काफी मात्रा में पाया जाने वाला आयरन स्टोन को बढ़ा देता है। खून पतला करने वाली दवा का सेवन कर रहे लोगों को पालक पत्ता अधिक नही खाना चाहिए क्योंकि इससे उनके शरीर का रक्त अधिक पतला होने का जोखिम भी हो सकता है। धूम्रपान करने वाल लोगों को पालक पत्ता अधिक नही खाना चाहिए। क्योंकि इससे कैंसर होने का जोखिम भी उत्पन्न हो सकता है।

डिक्लेमरः इस लेख में प्रकाशित सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों तथा जानकारी को किसी चिकित्सक की सलाह के तौर पर न लें। बीमारी की स्थिति में चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

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