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15 Best tips to stay healthy in Hindi

15 Best tips to stay healthy in Hindi (स्वस्थ रहने के 15 बेहतरीन टिप्स) 

विश्व में भला ऐसा कौन सा व्यक्ति है जो स्वस्थ नही रहना चाहता। प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ तथा निरोग रहता है परन्तु आजकल के भागदौड़ युक्त माहौल में व्यक्ति को स्वयं को स्वस्थ रखने के लिए ध्यान देने के लिए वक्त ही नही है। हिन्दी में एक कहावत है, “तन्दुरुस्ती हजार नियामत है” अर्थात् स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है जो व्यक्ति को अच्छा सोचने, समझने व निर्णय लेने की क्षमता देता है जो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र मे सफल होने के लिए परम आवश्यक है। यहां पर हम आप को स्वस्थ रहने के 15 ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिनको आप अपने जीवन में अपना कर जीवन भर स्वस्थ और निरोग रह सकते हैं। ये टिप्स निम्नवत हैः

  1. प्रत्येक सुबह ब्रम्ह मुहूर्त में उठकर सर्वप्रथम 3 से 4 गिलास गुनगुना पानी पियें। तत्पश्चात ब्रश मंजन करें, शौच क्रिया करें। खुले स्थान पर वार्म अप होकर कम से 30 से 40 मिनट तक सूर्य नमस्कार, पदमासन आदि योगासन करें। ध्यान रहे पानी पीने के लगभग 45 मिनट तक कुछ भी न खायें। योगासन बिना कुछ खाये अर्थात् खाली पेट ही करें। सूर्य नमस्कार करने से मानसिक स्वास्थ्य तथा पाचन तन्त्र बेहतर रहता है।
  2. कम से कम आधा घण्टे मार्निंग करें। इससे रक्त चाप सामान्य रहता है तथा तनाव से मुक्ति मिलती है, मोटापा कम होता है तथा वजन सन्तुलित रहता है।
  3. ताजे गुनगुने पानी से अच्छी तरह स्नान करें। सर्दियों के मौसम में हल्के गर्म पानी से स्नान करें ताकि सर्दी न लगने पाये।
  4. सुबह के नाश्ते अर्थात् ब्रेकफास्ट में अंकुरित चना, मूंग या दाल, एक दो मौसमी फल तथा ड्राई फूड (जैसे- बादाम, किशमिश, मुनक्का, अखरोट, काजू आदि) का सेवन करें। सुबह का नाश्ता 8 बजे के पूर्व कर लें तो बेहतर है।
  5. खाना या नाश्ता करने के लगभग 45 मिनट पहले या 45 मिनट बाद गुनगुना पानी पियें। खाना खाने के तत्काल बाद पानी कदापि न पियें। खाने के तुरन्त बाद पानी पीने से जठराग्नि मन्द पड़ जाती है जिससे खाना ठीक से नही पचता है, कब्ज, एसिडिटी होने लगती है, मेटाबालिज्म सिस्टम खराब हो जाता है, शरीर में फैट जमा होने लगता है, वजन तथा मोटापा बढ़ जाता है।
  6. दोपहर का भोजन सुबह के नाश्ते के कम से कम चार घण्टे बाद करें। प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइट्रेट, फाइबर तथा मिनरल युक्त सन्तुलित ताजे व गुनगुने आहार का सेवन करें। भोजन में लगभग 30 प्रतिशत ताजे व मौसमी सलाद का सेवन करें। बासी भोजन का सेवन कदापि न करें। ज्यादा चटपटा, मिर्च, मसालेदार भोजन न करें। ज्यादा चटपटा, मिर्च, मसालेदार भोजन करने से एसिडिटी, अपच, कब्ज, गैस, हृदय रोग तथा अल्सर का खतरा उत्पन्न हो जाता है। जंक फूड का सेवन कभी न करें। जंक फूड के सेवन से डायविटीज, मोटापा, हृदयरोग तथा कैसंर आदि होने का खतरा बढ़ जाता है।
  7. पर्याप्त मात्रा में एक दिन में कम से कम 10 से 12 गिलास पानी पियें। फ्रिज का पानी कभी न पिये। नार्मल टेम्प्रेचर का पानी पियें। सर्दियों के मौसम में गुनगुना पानी पियें तो बेहतर है।
  8. रात का भोजन अर्थात् डीनर (फाइबर, विटामिन व प्रोटीनयुक्त सन्तुलित आहार) ताजा व गुनगुना रात 8 बजे के पूर्व कर लें। डीनर में लगभग 30 प्रतिशत कच्ची व ताजी सलाद का सेवन अवश्य करें। डीनर के साथ कच्ची प्याज, लहसुन या मूली का केवन न करें। डीनर के एक घण्टे बाद ही सोयें। 7 से 8 घण्टे की गहरी नींद सोयें।
  9. प्रत्येक दिवस ब्रेकफास्ट, लंच तथा डीनर का समय यथासम्भव एक ही रखें तो बेहतर हैं। ब्रेकफास्ट, लंच, डीनर या सलाद में ऊपर से नमक न डालें। भोजन खूब चबा चबा कर खाएं।
  10. सरसों या तिल के तेल या किसी आयुर्वेदिक तेल से शरीर की मालिश करें। ऐसे करने से शरीर के सभी भागों की नसों में सन्तुलित रक्त संचार होता है। प्रत्येक दिन कम से कम 20 मिनट धूप अवश्य लें ताकि विटामिन डी जो कि धूप से मिलती है, की कमी न होने पाये।
  11. चाय, काफी, फास्ट फूड का सेवन न करें। तुलसी, ग्रीन टी तथा आंवला तथा मौसमी फल का प्रतिदिन सेवन अवश्य करें
  12. चीनी के अधिक मात्रा में सेवन न करें। चीना का अधिक मात्रा में सेवन करने से मधुमेह, मोटापा, कैंसर, हृदय रोग जैसी बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो जाता है, दांत सड़ने लगते हैं, रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, कैल्शियम की कमी हो जाती है, पाचन तन्त्र खराब हो जाता है,शरीर में अनावश्यक फैट जमा हो जाती है।
  13. अपने घर के आस-पास पानी न जमा होने दें। बारिश के मौसम में घर के आस-पास पानी जमा हो जाता है जिसमें मच्छर पैदा हो जाते हैं जो कि मलेरिया, डेंगू आदि गम्भीर बीमारियां होने लगती हैं।
  14. पर्याप्त मात्रा में ताजी हरी सब्जियां व ताजे मौसमी फल (सेब, अनार, अनन्नास, आम, अमरूद, बेल, आंवला आदि) का सेवन करें।
  15. चीनी का सेवन कम से कम करें। यथासम्भव चीनी के स्थान पर गुण या शहद को सेवन किया जाये तो अति उत्तम है।

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