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17 Home Remedies of Vitamin E deficiency in Hindi

17 Home Remedies of Vitamin E deficiency in Hindi

विटामिन ई की कमी के 17 घरेलू उपचार

विटामिन ई वसा में घुलनशील है तथा मनुष्य के शरीर में एण्टीआक्सीडेण्ट का कार्य करता है। विटामिन ई बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम कर देता है तथा हृदय को स्वस्थ रखनें में बेहद मदद करता है। त्वचा को स्वस्थ रखता है तथा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृध्दि करता है। मुक्त कणों से मानव शरीर की रक्षा करता है। विटामिन ई की अधिक कमी होने से मनुष्य के शरीर में कई रोग हो जाते हैं। इस लेख में विटामिन ई की कमी के कुछ विशिष्ट घरेलू उपचारों पर प्रकाश डाला जा रहा है। जिनका नियमित सेवन करके शरीर में विटामिन ई की कमी को दूर किया जा सकता है। ये घरेलू उपचार निम्नलिखित हैंः-

सूरजमुखी के बीजः सूरजमुखी विटामिन तथा मिनरल्स से समृध्द है। यह विटामिन ई का प्रबल स्रोत है। 100 ग्राम सूरजमुखी के बीज में 35 मिग्रा0 विटामिन ई, 645 मिग्रा0 पोटैशियम, 5 मिग्रा0 जिंक, 8.6 ग्राम फाइबर, 20.7 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। सुरजमुखी के बीज को दलिया तथा सलाद के रूप में खाया जाता है। सूरजमुखी के बीज के नियमित सेवन से विटामिन ई की कमी दूर हो जाती है।

मूंगफली का तेलः मूंगफली के तेल में विटामिन ई पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। मूंगफली में विटामिन ई के अलावा कई प्रकार के मिनरल्स भी प्रचुर मात्रा में पाये जाते है।

बादामः  बादाम विटामिन ई तथा मिनरल्स का समृध्द स्रोत है। 100 ग्राम बादाम में 25.6 मिग्रा0 विटामिन ई, 12.5 ग्राम फाइबर, 270 मिग्रा0 पोटैशियम तथा 21.5 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। बादाम के नियमित सेवन से विटामिन ई की कमी दूर हो जाती है। बादाम सम्पूर्ण भारत में सर्वत्र उपलब्ध है। बादाम के नियमित सेवन करने से शरीर में मोटापा नही होता तथा हृदय रोग का जोखिम कम हो जाता है।

गेहूं के बीज का तेलः गेहूं के बीज के तेल में विटामिन ई काफी मात्रा में पाया जाता है। 100 ग्राम गेहूं के बीज के तेल में 20.3 मिग्रा0 विटामिन ई पाया जाता है। गेहूं के बीज के तेल के नियमित सेवन से विटामिन ई की कमी दूर हो जाती है।

मूंगफलीः  100 ग्राम सूखी मूंगफली में 4.9 मिग्रा0 विटामिन ई, 8.4 ग्राम फाइबर, 14.3 मिग्रा नियासिन, 24.3 ग्राम प्रोटीन और 634 मिग्रा0 पोटैशियम पाया जाता है। इस प्रकार मूंगफली विटामिन्स तथा मिनरल्स से भरपूर है।

चावल की भूसी का तेलः 100 ग्राम चावल की भूसी का तेल में 4.3 मिग्रा0 विटामिन ई पाया जाता है जिसके निरन्तर सेवन से मनुष्य के शरीर में विटामिन ई की कमी नही होती है।

पालकः पालक विटामिन्स तथा मिनरल्स का समृध्द भण्डार है। 100 ग्राम पालक पत्ते में 2.03 मिग्रा0 विटामिन ई, 9388 IU विटामिन ए, 2.2 ग्राम फाइबर तथा 28 मिग्रा0 विटामिन सी पाया जाता है। पालक को सब्जी के रूप खाया जाता है। सलाद के रूप में खाया जाता है। जिस निकालकर सेवन किया जाता है।

चुकन्दरः चुकन्दर सम्पूर्ण भारत में पायी जानें वाली सब्जू है जिसकी पत्तियों को सब्जी के रूप में खाया जाता है। चुकन्दर की जड़ को सलाद में खाया जाता है। चुकन्दर की जड़ को जूस के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। 100 ग्राम चुकन्दर में 1.82 मिग्रा0 विटामिन ई, 2.9 ग्राम फाइबर, 7614 आई.यू. विटामिन ए, 114 मिग्रा0 कैल्शियम, 24.9 मिग्रा0 विटामिन सी, 1.9 मिग्रा0 आइरन तथा 909 मिग्रा0 पोटैशियम पाया जाता है। इस प्रकार चुकन्दर विटामिन्स तथा मिनरल्स से समृध्द है।

दूधः दूध को सम्पूर्ण आहार कहा जाता है जिसमें मानव शरीर के लिए आवश्यक लगभग सभी तत्व व विटामिन्स पाया जाते हैं। दूध में पर्याप्त मात्रा में विटामिन ई पाया जाता है जिसके निरन्तर सेवन करने से शरीर में विटामिन ई कमी नही होती है।

स्विस चर्डः इस सब्जी की 100 ग्राम मात्रा में 1.89 मिग्रा0 विटामिन ई, 1.6 ग्राम फाइबर, 1.8 मिग्रा0 आइरन, 6116 आई.यू. विटामिन ए, 319 मिग्रा0 पोटैशियम पाया जाता है।

शिमला मिर्चः एक मध्यम आकार की लाल शिमला मिर्च में 2 मिग्रा0 विटामिन ई पाया जाता है। शिमला मिर्च को सब्जी के रूप में खाया जाता है। शिमला मिर्च को सलाद के रूप में भा खाया जाता है। शिमला मिर्च का अंचार बना कर भी खाया जाता है। शिमला मिर्च सम्पूर्ण भारत में उपलब्ध है।

ट्राउटः 100 ग्राम ट्राउट में 2.15 मिग्रा0 विटामिन ई तथा 21.1 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। ट्राउट में भारी मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड भी पाया जाता है।

एवोकैडोः 100 ग्राम एवोकैडो में 2.07 मिग्रा0 विटामिन ई पाया जाता है। एवोकैडो को नियमित सेवन करने से मनुष्य के शरीर में विटामिन ई की कमी नही होती है।

सरसों का तेलः सरसों के तेल में विटामिन ई पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। सरसों  के तेल में विटामिन ई के अतिरिक्त अन्य कई मिनरल्स भी पाये जाते हैं। भोजन में सरसों के तेल के नियमित सेवन करने से शरीर में विटामिन ई कमी दूर हो जाती है।

आमः आम सम्पूर्ण भारत में पाया जाता है। आम मिटामिन्स तथा मिनरल्स  का भण्डार है। आम में विटमिन ई पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। आम में विटामिन ए तथा कई मिनरल्स भी प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं।

मछलीः मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड तथा विटमिन ई काफी मात्रा में पाया जाता है। मछली के नियमित सेवन से शरीर में विटामिन ई की कमी को दूर किया जा सकता है। विटामिन ई टी0 बी0 रोग से पीड़ित लोगों के लिए रामबाण के समान है। घुटने को मरीजों के लिए भी मछली रामबाण है।

बटरक्वैशः इस सब्जी की 100 ग्राम मात्रा में 1.29 मिग्रा0 विटामि ई, 3.2 मिग्रा0 फाइबर, 1155 आई.यू. विटामिन ए तथा 284 मिग्रा0 पोटैशियम पाया जाता है।

मानव शरीर में विटामिन ई की कमी के कई कारण होते हैं तथा कई बीमारियां भी होती है और सभी बीमारियों में कुछ पथ्य व कुछ अपथ्य होते हैं। इसलिए यह परम आवश्यक है कि शरीर में विटामिन ई कमी के लक्षण प्रकट होने पर तत्काल चिकित्सक से सम्पर्क कर परामर्श किया जाय। चिकित्सक के परामर्श के अनुसार ही नियमित इलाज व आहार लिया जाय।

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