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चाय पीने के फायदे और नुकसान

चाय पीने के फायदे और नुकसान 

चाय का प्रयोग सदियों से किया जाता रहा है जिसका प्रयोग अधिकाशंतः पेय के रूप में किया जाता है। आजकल चाय का प्रयोग सम्पूर्ण विश्व मे किया जाता है। भारत में चाय का प्रयोग लगभग 85 से 90 प्रतिशत लोग करते हैं। चाय के तमाम शौकीन लोग तो अपने दिन की शुरुआत ही चाय के साथ ही करते हैं जो कि सुबह नीद खुलने के बाद बिस्तर पर ही चाय पीना पसन्द करते हैं। चाय पीने के प्रचलन में आजकल काफी बढ़ोत्तरी हुई है। चाय कुछ औषधीय गुणों से भी सम्पन्न है जो कि गठिया, मधुमेह, कैंसर आदि रोगों के जोखिम को कुछ हद तक कम कर देती है। चाय का  वैज्ञानिक नाम कैमेलिया साइनेंसिस हैं। चाय के सेवन से कुछ लाभ भी होते हैं तथा अधिक सेवन से कुछ नुकसान भी होते हैं। प्रश्न उठता है कि चाय कितने प्रकार की होती है? चाय में कौन-कौन से तत्व पाये जाते हैं? कितनी मात्रा में चाय का सेवन किया जाय कि नुकसान न हो? चाय के सेवन से कौन-कौन से फायदे होते हैं? कौन-कौन से नुकसान होते हैं? उक्त सभी प्रश्नों का समाधान करते हुए इस लेख का प्रकाशन किया जा रहा है।

चाय के प्रकार तथा उसमें पाये जाने वाले तत्वः 

चाय मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैः ब्लैक टी तथा ग्रीन टी। चाय में मुख्यतया कैफीन नामक तत्व पाया जाता है। 100 ग्राम ब्लैक टी में आयरन 0.02 मिग्रा0, तांबा 0.01 मिग्रा0, कार्बोहाइड्रेट 0.3 ग्राम, मैग्नीशियम 3 मिग्रा0, राइबोफ्लेविन 0.014 मिग्रा0, जिंक 0.02 मिग्रा0, कैफीन 20 मिग्रा0, कोलीन 0.4 मिग्रा0, थियोब्रोमाइन 2 मिग्रा0, फैटी एसिड 0.07 ग्राम, फोलेट 5 µg आदि तत्व पाये जाते हैं। इसके अतिरिक्त एंटीआक्सीडेंट फ्लेवनोड्स व पालीफेनाल भी पाया जाता है। चाय में एंटी-इन्फ्लेमेट्री का भी गुण पाया जाता है। 100 ग्राम चाय से 1Kcl ऊर्जा प्राप्त होती है।

ग्रीन टी को हिन्दी भाषा में “हरी चाय” के नाम से जाना जाता है जो कि “कैमेलिया साइनेन्सिस” नामक पौधे की पत्तियों से तैयार की जाती है। ग्रीन टी का प्रयोग वर्तमान समय में सम्पूर्ण विश्व में किया जाता है। ग्रीन टी विटामिन तथा मिनरल्स का भण्डार है। ग्रीन टी में विटामिन बी1, विटामिन बी2, विटामिन बी6, नियासिन, आयरन, पोटैशियम, सोडियम, कैफीन, पालीफिनोल, वसा, टैनिन, प्रोटीन, थियोब्रोसाइस, मैग्नीशियम, जिंक, मैगनीज, कैल्शियम, तांबा, जिंक, निकिल आदि पर्याप्त मात्रा में पाये जाते हैं। इसके अतिरिक्त एंटीआक्सीडेंट फ्लेवनोड्स व पालीफेनाल भी पाया जाता है। चाय में एंटी-इन्फ्लेमेट्री का भी गुण पाया जाता है। ग्रीन टी मुख्यतया तीन प्रकार की होती हैः पत्ते वाली ग्रीन टी, बैग वाली ग्रीन टी तथा पाउडर वाली ग्रीन टी।

चाय के सेवन की मात्राः

चाय की सही मात्रा के सेवन से जहां शरीर को फायदे होते हैं वहीं पर चाय के अधिक सेवन से कई शारीरिक नुकसान भी होते हैं। एक वयस्क तथा स्वस्थ व्यक्ति को एक दिन में 2 से 3 कप चाय का सेवन करना चाहिए। इससे चाय का सेवन नही करना चाहिए। किशोर / अवयस्क बच्चों को मात्र एक कप चाय का ही सेवन करने चाहिए।

चाय का सेवन कब करें तथा कब न करेः

खाना खाने के तत्काल बाद तथा खाली पेट चाय नही पीना चाहिए। खाना खाने के दो घण्टे बाद या दो घण्टे पूर्व चाय पी सकते हैं। जिन्हे अल्सर की समस्या हो या लो ब्लड प्रेशर की समस्या हैं उन्हें चाय का सेवन नही करना चाहिए।

चाय पीने के फायदेः

गठिया रोग को जोखिम को कम कर देता है

चाय का नियमित सेवन करने से चाय (ग्रीन टी तथा ब्लैक टी) में पाया जाने वाला टी-इन्फ्लेमेट्री गुण गठिया रोग के जोखिम को कम कर देता है। यदि गठिया रोग हो ही गया है तो उसमें अत्यन्त लाभकारी है। जोड़ों का दर्द कम हो जाता है।

मधुमेह रोग को नियन्त्रित कर देता है

चाय का नियमित सेवन करने से इन्सुलिन सक्रिय होकर रक्त में शुगर को कम कर के मधुमेह रोग को नियन्त्रित कर देता है।

हृदय रोग का जोखिम कम हो जाता है

चाय का नियमित सेवन करने से हृदट की रक्त वाहिकाओं में कोलेस्ट्राल नही जमने पाता जिसके कारण हृदय स्वस्थ रहता है तथा हृदय रोग का जोखिम का हो जाता है। दिल का दौरा पड़ने की संभावना क्षीण हो जाती है।

कोलेस्ट्राल नियन्त्रित हो जाता है

प्रतिदिन दो कप से तीन कप जाय का नियमित सेवन करने से शरीर का अनावश्यक कोलेस्ट्राल नष्ट हो जाता है तथा कोलेस्ट्राल नियन्त्रित हो जाता है।

कैंसर रोग के जोखिम को कम कर देता है

चाय में पाया जाने वाला पालीफिनोल एन्टी-कैंसर गुणों से युक्त होता है जिसके कारण चाय के नियमित सेवन से लीवर, फेफड़ा, आंत तथा ब्रेस्ट में होने वाले कैंसर का खतरा कम हो जाता है। कैंसर गम्भीर बीमारी है, इसके लक्षण दिखायी देने पर तत्काल चिकित्सक से सम्पर्क करना चाहिए।

शरीर का वजन कम हो जाता है

चाय का नियमित सेवन करने से चाय का एन्टी-आक्सीडेन्ट गुण शरीर का मेटाबालिज्म बढ़ा देता है जिससे शरीर में जमा अनावश्यक वसा कम होकर वजन कम हो जाता है।

तनाव से मुक्ति मिल जाती है

चाय का नियमित रूप से सेवन करने से चाय मे पाया जाने वाला कैफीन नामक तत्व तनाव से मुक्त कर देता है।

हाई ब्लड प्रेशर नियन्त्रित हो जाता है

ग्रीन टी का नियमित रूप से सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर कम होकर नियन्त्रित हो जाता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है

चाय का नियमित रूप से सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। शरीर तरोताजा रहता है। चेहरे पर आयी झुर्रियां कम हो जाती हैं। पेट व पाचन सम्बन्धी रोग नष्ट हो जाते हैं।

चाय पीने के नुकसान

चाय का अधिक सेवन करने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। अनिद्रा तथा सिर दर्द की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। दांतों में दाग बन सकता है। पेट में दर्द तथा गैस की समस्या हो सकती है। शरीर में आयरन की कमी हो सकती है। जी मचलने का समस्या हो सकती है। सीने में जलन हो सकती है, गैस, कब्ज तथा एसिडिटी की समस्या हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान चाय का अधिक सेवन करने से बच्चे का वजन मानक से कम हो सकता है।

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