Health

कैंसर के लक्षण वक्त रहते पहचानें, लापरवाही करने पर भारी कीमत चुकानी पड़ेगी

कैंसर के लक्षण वक्त रहते पहचानें, लापरवाही करने पर भारी कीमत चुकानी पड़ेगी 

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर के किसी भाग में कोशिकाओं में अनियन्त्रित वृध्दि होने लगती है। कोशिकाओं में होने वाली यह अनियन्त्रित वृध्दि धीरे-धीरे ऊतक को प्रभावित करते हुए शरीर के शेष बचे भाग में भी फैल जाती है। यह बीमारी बच्चे, वयस्क, बुजुर्ग, स्त्री-पुरुष किसी को भी हो सकती है। कैंसर एक गम्भीर बीमारी है जिसका समय रहते इलाज न होने पर जानलेवा हो जाती है तथा मरीज की मृत्यु हो जाती है। कैंसर का इलाज काफी कठिन है परन्तु नामुमकिन नही है। कैंसर पांच चरणों में विकसित होता है। प्रथम चरण में बीमारी का पता चलने पर मरीज शत- प्रतिशत ठीक हो जाता है। पांचवे चरण में  कैंसर जानलेवा हो जाता है।

कैंसर के सम्बन्ध में लोगों को जागरूक करने के लिए वर्ष-2005 से प्रत्येक वर्ष 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। दर असल कैंसर रोग इसलिए काफी खतरनाक है कि समय रहते अर्थात् प्रारम्भ में व्यक्ति इस बीमारी के लक्षणों को नहीं पहचान पाता जिसके कारण यह बीमारी निरन्तर बढ़ती जाती है तथा आखिरी स्टेज में जब इस बीमारी की पहचान होती है तो बहुत देर हो चुकी होती है जिसके कारण इलाज नामुमकिन हो जाता है। काफी इलाज के बाद भी सफलता नही मिलती तथा मरीज की मृत्यु हो जाती है। इस लेख में कैंसर के कुछ विशिष्ट लक्षणों पर प्रकाश डाला जा रहा है जिससे प्रारम्भिक अवस्था में ही इस घातक बीमारी की पहचान कर समुचित इलाज कराकर शत- प्रतिशत इस बीमारी से मुक्ति पायी जा सकती है।

1. बेवजह अचानक शरीर का वजन घट जाना

यदि बेवजह अचानक लगातार शरीर का वजन घटने लगे तथा भूख कम होने लगे, ढाई-तीन माह में 8 से 10 किग्रा0 वजन घट जाए तो इसे नजर अंदाज नही करना चाहिए। तत्काल रजिस्टर्ड योग्य चिकित्सक से सम्पर्क करके जांच व इलाज कराना चाहिए। यह लीवर कैंसर या कोलन कैंसर की चेतावनी हो सकती है। कभी- कभी टीवी तथा मधुमेह रोग में भी अचानक वजन घट जाता है परन्तु इसे टीवी या मधुमेह रोग मानते हुए समय से समुचित जांच व इलाज न कराना कैंसर रोग होने की स्थिति में आखिरी स्टेज में पहुंचकर जानलेवा हो सकता है। इसलिए उक्त प्रकट लक्षण होने पर तत्काल योग्य रजिस्टर्ड चिकित्सक से सम्पर्क करके समुचित जांच व इलाज कराना चाहिए।

2. शरीर के किसी भाग में किसी गांठ का तेजी से बढ़ना

यदि शरीर के किसी भाग में कोई गांठ या फोड़ा बढ रहा है, उसमें यदि दर्द होता है तो कैंसर होने की संभावना बहुत कम होती है परन्तु यदि दर्द नही होता है तो कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। किसी महिला के ब्रेस्ट में यदि गांठ है जिसमें दर्द है तो वह हार्मोन की वजह से हो सकता है परन्तु यदि दर्द नही है तो ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। इसी प्रकार यदि पुरुष के चेस्ट में गांठ है जिसमें दर्द है तो कैंसर की संभावना कम होती है और यदि दर्द नही है तो कैंसर हो सकता है। शरीर के किसी हिस्से में गांठ या फोड़ा बढ़ रहा है तो यह कैंसर की प्रथम अवस्था हो सकती है। इसे कतई नजर अंदाज नही करना चाहिए। तत्काल योग्य रजिस्टर्ड चिकित्सक से सम्पर्क करके समुचित जांच व इलाज कराना चाहिए।

3. महिलाओं के ब्रेस्ट के निप्पल में अचानक बदलाव आ जाना

महिलाओं के निप्पल का अचानक सपाट हो जाना, बगल में मुड़ जाना या नीचे की तरफ मुड़ जाना ब्रेस्ट कैंसर की प्रथमावस्था हो सकती है। इसे कतई नजर अंदाज नही करना चाहिए। तत्काल योग्य रजिस्टर्ड चिकित्सक से सम्पर्क करके समुचित जांच व इलाज कराना चाहिए।

4. ब्लीडिंग होना

यदि नाक, मुख या शौच के दौरान रक्त निकल रहा है तो कैंसर हो सकता है। महिलाओं में माहवारी 8 से 10 दिन या इससे अधिक दिन तक हो, दर्द अधिक हो तो वेजाइनल कैंसर की प्रथम अवस्था हो सकती है। तत्काल योग्य रजिस्टर्ड चिकित्सक से सम्पर्क करके समुचित जांच व इलाज कराना चाहिए।

5. ठण्ड रात में सोते समय अचानक पसीना आना

जाड़े की ठण्ड रात में सोते समय अचानक पसीना आता है तो यह ब्लड कैंसर का लक्षण हो सकता है। तत्काल योग्य रजिस्टर्ड चिकित्सक से सम्पर्क करके समुचित जांच व इलाज कराना चाहिए।

6. बार-बार बुखार तथा एसिडिटी होना

हालांकि एसिडिटी तथा बुखार कोई गम्भीर समस्या नही होती परन्तु दवा का सेवन करते हुए डोज बदलने के बावजूद भी यदि बार-बार एसिडिटी तथा बुखार हो रहा है तो कैंसर हो सकता है। इसे नजर अंदाज नही करना चाहिए। तत्काल योग्य रजिस्टर्ड चिकित्सक से सम्पर्क करके समुचित जांच व इलाज कराना चाहिए।

7. लम्बे समय तक सीना, कंधा तथा बांहों में दर्द तथा कफ रहना

यदि किसी व्यक्ति में लम्बे समय तक सीने, कंधे व बांहों में दर्द तथा कफ की समस्या रहती है तो फेफड़ें में कैंसर का कारण हो सकता है। इसे नजर अंदाज नही करना चाहिए। तत्काल योग्य रजिस्टर्ड चिकित्सक से सम्पर्क करके समुचित जांच व इलाज कराना चाहिए।

8. पेट व कूल्हे में दर्द, ऐंठन व अचानक सूजन

यदि कूल्हे व पेट में दर्द व ऐंठन होती है तथा अचानक कुछ ही देर में सूजन आ जाती है तो गर्भाशय कैंसर हो सकता है। इसे कतई नजर अंदाज नही करना चाहिए। तत्काल योग्य रजिस्टर्ड चिकित्सक से सम्पर्क करके समुचित जांच व इलाज कराना चाहिए।

9. सामान्य कमजोरी तथा अत्यधिक थकान आदि

यदि शरीर मे लगातार कमजोरी और थकान रहती है तथा पर्याप्त नींद व आराम करने के बाद भी ठीक नही होती है तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है। पेशाब में खून आना प्रोस्टेट कैंसर का कारण हो सकता है। गुटखा, तम्बाकू, स्मोकिंग, ड्रिंकिंग का अभ्यस्त होने पर बात करते समय जुबान लड़खड़ाए तो ओरल कैंसर हो सकता है। लम्बे समय तक दांत के मसूढ़ों, मुख के छालों व खांसी से रक्त आये तो कैंसर हो सकता है। शारीरिक सम्बन्ध बनाते समय यदि महिला को बार-बार ब्लीडिंग हो तो कैंसर हो सकता है। तत्काल योग्य रजिस्टर्ड चिकित्सक से सम्पर्क करके समुचित जांच व इलाज कराना चाहिए।

उपरोक्त में से किसी भी लक्षण के प्रकट होने पर कतई नही घबराना चाहिए। यह कैंसर की प्रथम अवस्था हो सकती है जो कि समुचित जांच व इलाज कराने पर शत-प्रतिशत ठीक हो जाता है। इसे कतई नजर अंदाज नही करना चाहिए। बिना किसी घबराहट के तत्काल किसी योग्य रजिस्टर्ड चिकित्सक से सम्पर्क करके समुचित जांच व इलाज कराना चाहिए।

डिक्लेमरः इस लेख में प्रकाशित सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों तथा जानकारी को किसी चिकित्सक की सलाह के तौर पर न लें। बीमारी की स्थिति में चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

AdBlock Detected

Please Consider Supporting Us By Disabling Your AD Blocker