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Diet to control hypothyroidism in Hindi

Diet to control hypothyroidism in Hindi (हायपोथायरायडिज्म रोग नियन्त्रित करने के लिए आहार)

हायपोथायरायडिज्म रोग में थायरायड ग्रन्थि की सक्रियता कम हो जाने के कारण थायरायड ग्रन्थि पर्याप्त मात्रा में थायरायड हार्मोन नही बना पाती जिसके कारण शरीर में थायरायड हार्मोन की कमी हो जाती है। इस रोग से पीडि़त व्यक्ति को थायरायड हार्मोन बढ़ाने वाली चीजों को खाना चाहिए तथा जो चीजें थायरायड हार्मोन का घटाती हैं उनका सेवन नही करना चाहिए।

प्रायः ये देखा गया है कि हायपोथायरायडिज्म रोग का इलाज करने वाले मरीज उन चीजों का सेवन कर रहें हैं जिनका सेवन उनके लिए नुकसानदायक है जिसके कारण दवाओं के सेवन के बावजूद भी उनका हायपोथायरायडिज्म रोग नियन्त्रित नही हो पाता है। उन चीजों का सेवन नही कर रहें जो कि हायपोथायरायडिज्म रोग को नियन्त्रित करने में सहायक हैं। इसका कारण ये है कि उन्हें, “थायरायड रोग में क्या खाना चाहिए? क्या नही खाना चाहिए?” इस सम्बन्ध में जानकारी नही है। इस लेख में इसी सम्बन्ध में प्रकाश डाला जा रहा है जिसका अध्ययन कर जानकारी प्राप्त कर उस पर अमल किया जाना थायरायड के मरीजों के लिए अत्यन्त लाभदायक हो सकता है।

हायपोथायरायडिज्म रोग (घटे हुए थायरायड हार्मोन) में खाएं

अधिक प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ थायरायड हार्मोन को बढ़ाते हैं। भोजन में प्रतिदिन 50 ग्राम प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ जैसे- मूंग की दाल, चना की दाल, काबुली चना, राजमा का सेवन करें। मछली, चिकन, अण्डा का सेवन करें।

  • ओमेगा-3 फैटी एसिडयुक्त खाद्य पदार्थ जैसे- दो से तीन अखरोट, सूरजमुखी के बीज का सेवन करें। सारडाइन मछली, सैल्मन मछली को सेवन करें। मछली के तेल का सेवन कर सकते हैं।
  • एंटीआक्सीडेण्ट से समृध्द 500 से 600 ग्राम फल व सब्जियां (सेब, चेरी, जामुन, केला, नारंगी, मौसम्मी, पपीता, कीवी, बेर, तरबूजा, अंगूर, सन्तरा, शिमला मिर्च, कद्दू, आलू, चुकन्दर, खरबूजा, एवोकैडो, गाजर, भिण्डी, लोकी, मेथी, पालक, राजमा, आलूबुखारा, टमाटर, बैगन, करैला, ककड़ी आदि खाएं। सब्जियों को सलाद के रूप में पकाकर दोनों तरह से खाएं। सब्जियों में दालचीनी, लहसुन, हल्दी, मिर्च, अजमोद, कसाली मिर्च तथा जीरा भी खाएं।
  • विटामिन डी से समृध्द खाद्य पदार्थ (जैसे- मशरूम, अण्डे का पीला भाग, मछली का तेल आदि) का सेवन करें। प्रतिदिन 20 से 25 मिनट तक धूप में बैठें।
  • दूध, पनीर, दही का सेवन करें।
  • अण्डा, चिकन, मछली का सेवन करें।
  • प्रतिदिन 40 से 45 मिनट व्यायाम करें।
  • आयोडीनयुक्त नमक के सेवन करें।
  • चिकित्सक की सलाह पर विटामिन, मिनरल्स तथा आयरन सप्लीमेन्ट्स का सेवन करें।

हायपोथायरायडिज्म रोग (घटे हुए थायरायड हार्मोन) में न खाएंः-

  • अधिक वसायुक्त खाद्य पदार्थ जैसे- फ्राई किया हुआ चिकन, सोयाबीन का दूध, बटर, डालडा, क्रीम, पास्ता, प्रोसेस्ड फूड कुकीज, चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, मेयोनोज, केक, नमकीन, पेस्टीज, बीन्स, काफी, अल्कोहल, ग्रीन टी, डिब्बा बन्द खाद्य पदार्थ, बर्गर व ब्रेड आदि) को सेवन न करें।
  • सोयाबीन, पत्तागोभी, फूलगोभी, मूली, शलजम, सरसों साग, केला, पालक, ब्रोकली, टोफू, मशरूम, आड़ू, नाशपाती, स्ट्राबेरी व ब्रोकली का सेवन न करें। ये खाद्य पदार्थ थायरायड हार्मेोन निर्मित करने वाले एंजाइम की गतिविधियों को रोंक देते हैं।
  • साबूत एवं मोटे अनाज (ज्वार, चोकरयुक्त आंटा, ब्राउन राइस, दलिया, मल्टीग्रेन ब्रेड) का नियमित सेवन करें। इससे पर्याप्त मात्रा में मिलने वाला फाइबर कब्ज का समस्या को दूर करते हुए वजन कम करने में सहायता करता है तथा थायरायड को नियन्त्रित करता है।
  • चीनी या चीनी से बने खाद्य पदार्थ न खाएं।
  • चिकित्सक द्वारा मना की गयी चीजों का सेवन न किया जाय।

नोट- यह लेख केवल जानकारी उद्देश्यों के लिए है। इसे चिकित्सकीय सलाह न माना जाए। अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए डॉक्टर से सम्पर्क कर परामर्श अवश्य लें।

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