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शरीर में खून की कमी से न हों परेशान, खून की कमी दूर करने के लिए अपनाएं ये 12 बेहतरीन उपाय

शरीर में खून की कमी से न हों परेशान, खून की कमी दूर करने के लिए अपनाएं ये 12 बेहतरीन उपाय 

मनुष्य का खून (रक्त) रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है जिसकी प्रकृति क्षारीय तथा Ph मान 7.4 होता है। एक स्वस्थ व्यक्ति में रक्त की मात्रा 5 से 6 लीटर होती है। रक्त मनुष्य के शरीर का अहम घटक है जिसके अभाव में जीवन की कल्पना ही नही की जा सकती। रक्त की कमी से पीलिया (एनीमिया) नामक रोग हो जाता है जिसका समुचित इलाज न होने पर रोगी की मृत्यु हो जाती है। प्रश्न उठता है कि रक्त जिसके अभाव में मानव जीवन की कल्पना ही नही की जा सकती, आखिर क्या है? रक्त किन-किन तत्वों से मिलकर बना है? क्या कार्य करता है? किन कारणों से रक्त की कमी होती है? रक्त की कमी के क्या-क्या लक्षण हैं? रक्त की कमी को पूरा करने के लिए क्या-क्या खाये जायें? उक्त सभी प्रश्नों का समाधान करते हुए यह लेख प्रकाशित किया जा रहा है जिसका समुचित अध्ययन कर ज्ञान अर्जित कर लाभ उठाया जा सकता है।

मानव रक्त का संगठन तथा उसके कार्य

मानव रक्त का संगठन लाल रक्त कणिका, श्वेत (सफेद) रक्त कणिका, प्लेटटेट्स तथा प्लाज्मा से मिलकर होता है। प्लाज्मा में 90 प्रतिशत पानी तथा शेष 10 प्रतिशत अन्य पदार्थों में नमक तथा फाइब्रिनोजेन नामक प्रोटीन होता है। फाइब्रिनोजेन नामक प्रोटीन रक्त का थक्का बनाने में मदद करता है, घावों को भरता है तथा ताप नियन्त्रित करता है।

लाल रक्त कणिका का मुख्य कार्य फेफडे से अक्सीजन लेकर समस्त शरीर में पहुंचाना तथा कार्बन डाई आक्साइड को बाहर निकालना है। लाल रक्त कणिका में हीमोग्लोबिन नामक प्रोटीन पाया जाता है जिसके कारण रक्त (खून) का रंग लाल होता है। खून में लाल रक्त कणिका की कमी होने पर पीलिया (एनीमिया) नामक रोग हो जाता है।

सफेद रक्त कणिका का निर्माण लिम्फोसाइट तथा मोनोसाइट से होता है। लिम्फोसाइट का मुख्य कार्य शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृध्दि करना एवं रोगाणुओं से शरीर की रक्षा करना हैं। मोनोसाइट का मुख्य कार्य शरीर के  घावों को भरना है। सफेद रक्त कणिका रक्त का मुख्य भाग है। रक्त में सफेद रक्त कणिका की कमी होने पर ब्लड कैंसर नामक गम्भीर रोग हो जाता है।

प्लेटलेट्स का मुख्य कार्य चोट लगने पर या कट जाने पर रक्त का थक्का जमाकर रक्त के प्रवाह को रोंकना है। मानव रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या 4.5 से 6 लाख होती है। प्लेटलेट्स में हिपैरिन नामक तत्व पाया जाता है हिपैरिन का मुख्य कार्य मानव शरीर के अन्दर रक्त का थक्का बनने से रोंकना है। हिपैरिन की कमी हो जाने पर मानव शरीर के अन्दर रक्त का थक्का बन जाने के कारण रक्त जम जाता है तथा रक्त का संचार बन्द होने के परिणामस्वरूप व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।

रक्त की कमी का मापन

मानव शरीर में रक्त की कमी का मापन लाल रक्त कणिका में पाये जाने वाले हीमोग्लोबिन नामक प्रोटीन से किया जाता है। शरीर में रक्त की कमी होने पर हीमोग्लोबिन का स्तर घट कर सामान्य से कम हो जाता है। पुरुषों मे हीमोग्लोबिन का सामान्य स्तर 13.5 gm/dl  के  17.5 gm/dl तथा महिलाओं में हीमोग्लोबिन का सामान्य स्तर 12.0 gm/dl  से 15.5 gm/dl तक होता है। हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम होने पर शरीर में रक्त की कमी हो जाती है तथा पीलिया (एनीमिया) नामक रोग हो जाता है जिसका समुचित उपचार न होने पर रोगी की मृत्यु हो जाती है।

मानव शरीर में रक्त की कमी के कारण

  1. विटामिन-B12 की कमी हो जाना।
  2. आयरन की कमी हो जाना।
  3. किसी कारण से अधिक ब्लीडिंग हो जाना।
  4. फालिक एसिड की कमी हो जाना।
  5. मद्यपान तथा स्मोकिंग आदि के कारण शरीर में रक्त बनने की गति काफी कम हो जाना या रक्त बनना बन्द हो जाना।

मानव शरीर में रक्त का कमी के लक्षण

शरीर पीला व फीका पड़ जाता है। सिर में दर्द, घबराहट, उल्टी तथा चक्कर  आने की समस्या होने लगती है। शरीर का तापमान घट जाता है।  सांस फूलने लगती है। बिना कोई कार्य किये ही शरीर में थकान होने लगती है। हृदय की धड़कन तेज हो जाती है। पीरियड के दौरान दर्द अधिक होता है। सिर के बाल झड़ने लगते हें। शरीर में स्फूर्ति नही रहती है। हाथ की हथेलियां तथा पैरों के तलवे ठण्डे होने लगते हैं। आंखो में पीलापन आ जाता है।

शरीर में रक्त की कमी दूर करने के 12 बेहतरीन उपायः

1. बादाम खायें

बादाम विटामिन्स तथा पोषक तत्वों का समृध्द भण्डार है । 100 ग्राम बादाम में 8.2 ग्राम फैची एसिड सैचुरेटेड, 69 ग्राम फैटी एसिड मोनोअनसैचुरेटेड, 17.4 ग्राम फैटी एसिड पाली अनसैचुरेटेड, 39.2 मिग्रा0 विटामिन-ई तथा 7µg विटामिन-के पाया जाता है। इसके अतिरिक्त आयरन, पोटैशियम, कैल्सियम, मैंगनीज, जिंक, फास्फोरस, ओमेंगा-3 फैटी एसिड, विटामिन-ए, बी तथा विटामिन-डी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। रात में 5 से 7 बादाम पानी में भिगो दें। सुबह उक्त बादाम को छीलकर खूब चबा-चबा कर खाली पेट खायें। इसका नियमित रूप से सेवन करने से शरीर में रक्त की कमी दूर हो जाती है।

2. खजूर खायें

खजूर में विटामिन-ए, विटामिन-बी6, विटामिन-के, कार्बोहाइड्रेट, फैट, फाइबर, प्रोटीन, शुगर, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक. थायमिन, सोडियम, राइबोफ्लेविन, नियासिन तथा फोलेट प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। उक्त विटामिन्स तथा पोषक तत्वों से समृध्द 7 से 10 खजूर को रात में दूध में पकाकर रख दें तथा सुबह खाली पेट खाकर उक्त दूध को पी लें। इसका नियमित प्रयोग करने से बहुत तेजी से रक्त बनता है तथा रक्त की कमी शीघ्र ही दूर हो जाती है। मधुमेह रोग से पीड़ित व्यक्ति को इस मिश्रण का प्रयोग नही करना चाहिए या चिकित्सक से सलाह लेकर करना चाहिए।

3. चुकन्दर खायें

चुकन्दर विटामिन्स तथा मिनरल्स की खान है। चुकन्दर में विटामिन-ए, विटामिन-B1, विटामिन- B2, विटामिन-C, कैल्शियम, बोरान, आयोडीन, जिंक, नियासिन, फाइबर, सल्फर, प्रोटीन, मैग्नीशियम, आयरन, सोडियम, कार्बोहाइड्रेट, पोटैशियम तथा फास्फोरस आदि प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। चुकन्दर का नियमित रूप से सेवन करने से बहुत तेजी से रक्त बनने के कारण शीघ्र ही रक्त की कमी दूर हो जाती है।

4. अंजीर खायें

अंजीर में आयरन काफी मात्रा में पाया जाता है जो आयरन की कमी को दूर करता है। आयरन की कमी से रक्त की कमी होती है। आयरन से समृध्द अंजीर का नियमित रूप से सेवन करने से शरीर में आयरन की कमी दूर होकर रक्त की कमी दूर हो जाती है।

5. आंवला खायें

आंवला में विटामिन-ए, विटामिन-बी, विटामिन-सी, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, कैल्शियम, फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम, गैलिक एसिड, टैनिक एसिड, एल्ब्यूमिन, शर्करा, निर्यास, प्रोटीन, लौह, सेल्यूलोज, क्रोमियम, वसा तथा निकोटेनिक एसिड पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। आंवला एण्टी-आक्सीडेन्ट होता है। प्रतिदिन दो से तीन आंवले का नियमित सेवन करने से शीघ्र ही शरीर में रक्त की कमी दूर हो जाती है।

6. पालक खायें

100 ग्राम पालक पत्ते में विटामिन-A 9377 IU, विटामिन-B6  0.195 mg, विटामिन-C  28 mg, विटामिन-E  2.03 mg,  विटामिन-K  482 µg, फैटी एसिड 0.165 gm, फोलेट 194 µg, थायमिन 0.078 mg, जिंक 0.53 mg,  पोटैशियम 558 mg,  सोडियम 79 mg, नियासिन 0.7 mg, फास्फोरस 49 mg, राइवोफ्लेविन 0.149 mg, कैल्शियम 99 mg, फाइबर 2 gm, प्रोटीन 2.86 gm, शुगर 0.4 gm, वसा 0.42 gm, मैग्नीशियम 79 gm, कार्बोहाइड्रेट 3.6 gm, आयरन 2.7 gm, ओमेगा-3 फैटी एसिड, ल्यूटिन,पेप्सिन तथा जियाथैनिन पाये जाते हैं। पालक एन्टी-आक्सीडेन्ट गुणों से भी समृद्द होता है। उक्त विटामिन्स, पोषक तत्वों तथा एंटीआक्सीडेन्ट गुणों से युक्त पालक पत्तों का या पालक जूस का नियमित सेवन करने से रक्त में तेजी से वृध्दि होने के फलस्वरूप शीघ्र ही रक्त की कमी दूर हो जाती है। जिन्हे पथरी की समस्या हो उन्हें इसका सेवन नही करना चाहिए।

7. अंगूर खायें

अंगूर में विटामिन-सी, विटामिन-ई, फाइबर, मैग्नीशियम तथा साइट्रिक एसिड आदि पर्याप्त मात्रा में पाये जाते हैं। उक्त विटामिन्स, पोषक तत्वों तथा एंटीआक्सीडेन्ट गुणों से युक्त अंगूर का नियमित रूप से सेवन करने से शीघ्र ही रक्त की कमी दूर हो जाती है। मधुमेह रोग से पीड़ित लोगों को इसका सेवन नही करना चाहिए क्योंकि इसके सेवन से शुगर लेबल बढ़ सकता है।

8. नारियल पानी का सेवन करें

नारियल के पानी में विटामिन-ए,  प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, आयरन तथा फाइबर काफी मात्रा में पाया जाता है। उक्त विटामिन तथा मिनरल्स से भरपूर ढाई-ढाई सौ ग्राम नारियल पानी का सुबह-शाम नियमित रूप से पीने से शीघ्र ही रक्त की कमी दूर हो जाती है।

9. अण्डा खायें

अण्डा में विटामिन A, विटामिन B1, विटामिन B12, विटामिन D, प्रोटीन, विटामिन-E , विटामिन-K, फैटी एसिड, सल्फर, बायोटीन, सोड़ियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फोलिक एसिड, ल्यूटिन, पोटैशियम, फास्फोरस, आयरन, ओमेगा-3 पैटी एसिड, राइबोफ्लेविन, निकोटेनिक अम्ल आदि तत्व एवं विटामिन पर्याप्त मात्रा में पाये जाते हैं। उक्त विटामिन्स, मिनरल्स तथा एंटीआक्सीडेन्ट गुणों से युक्त दो अण्डे का नियमित सेवन करने से शीघ्र ही रक्त की कमी दूर हो जाती है। जिन्हें कोलेस्ट्राल की समस्या हो, उन्हें मात्र अण्डे के सफेद भाग का ही सेवन करना चाहिए, जर्दी (अण्डे का पीला भाग) का सेवन नही करना चाहिए।

10. पका आम खायें

आम को फलों का राजा कहा जाता है जिसमें विटामिन-ए, विटामिन-बी, विटामिन-सी, तांबा, पोटैशियम तथा आयरन आदि पर्याप्त मात्रा में पाये जाते हैं। पके हुए आम का नियमित सेवन करने से तेजी से रक्त में बढ़ोत्तरी होती है तथा शीघ्र ही शरीर में रक्त की कमी पूरी हो जाती है। मधुमेह रोग से पीड़ित व्यक्तियों को इसका सेवन चिकित्सक से सलाह लेकर ही करना चाहिए।

11. हरी सब्जियां खायें

भोजन में नियमित रूप से हरी सब्जियों हरी प्याज, मेथी, सोया, पालक, पत्ता गोभी, टमाटर, शिमला मिर्च, गाजर, धनिया, कददू तथा लौकी को सब्जी बनाकर तथा सलाद के रूप में नियमित रूप से खाने से शीघ्र ही रक्त की कमी पूरी हो जाती है।

12. सेब खायें

विटामिन-ए, विटामिन-बी, विटामिन-सी, पोटैशियम, कैल्शियम आदि तत्वों एवं एंटीआक्सीडेन्ट गुणों से युक्त सेब का नियमित सेवन करने से शीघ्र ही रक्त की कमी दूर हो जाती है।

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