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काफी पीना छोड़ने पर शरीर में होने वाले पांच बड़े बदलाव

काफी पीना छोड़ने पर शरीर में होने वाले पांच बड़े बदलाव 

काफी सदियों से प्रचलित एक पेय पदार्थ है जिसका विश्व में सबसे ब़ड़ा उत्पादक देश ब्राजील है। वर्तमान मे काफी का प्रचलन सम्पूर्ण विश्व में है।  काफी एक पौष्टिक पदार्थ है जो कि “काफिया अरेबिका” नामक वृक्ष के फल को तोड़कर भूनकर पीस कर तैयार किया जाता है। वर्तमान समय में काफी विश्व में एक अत्यधिक प्रचलित पेय पदार्थ बन गया हैं जिसका प्रयोग लोगों द्वारा बड़े शौक से किया जाता है। काफी एक पौष्टिक पेय पदार्थ है। एक कप काफी में विटामिन-ई 0.024 मिग्रा0, प्रोटीन 0.288 ग्राम0, कैफीन 400 मिग्रा0, फैट 0.5 मिग्रा0, कैल्शियम 4.8 मिग्रा0 तथा पोटैशियम 118 मिग्रा0 पाया जाता है। काफी एंटीआक्सीडेन्ट गुणों से समृध्द हैं। काफी का सेवन कई प्रकार से किया जाता है। कोई क्रीमयुक्त दूध में चीनी, इलायची तथा काफी पाउडर मिलाकर स्वादिष्ट काफी बनाकर सेवन करता है। कोई जल में बर्फ के छोटो-छोटे टुकड़े, चीनी तथा काफी पाउडर मिलाकर मिक्सर में अच्छी तरह से मिक्स करके कोल्ड काफी बना कर सेवन करता है। कोई जल में काफी पाउडर डालकर उबाल कर काफी का सेवन करता है। जिसे जिस रूप में अच्छा लगता है, उसी रूप में उक्त प्रकार से काफी का सेवन करता है।

कुछ लोग सुबह उठते ही खाली पेट काफी का सेवन करना पसन्द करते हैं परन्तु इससे नुकसान होता है। काफी का सेवन कभी भी खाली पेट नही करना चाहिए। एक वयस्क स्वस्थ व्यक्ति प्रतिदिन दो से 03 कप काफी तथा अवयस्क किशोर बच्चों, गर्भवती महिलाएओं एवं बुजुर्गों के एक दिन में एक कप काफी का ही सेवन करना चाहिए। काफी के सेवन से एक नही अनेक लाभ होते है परन्तु अधिक मात्रा में काफी का सेवन करने से लाभ के बजाय हानि होने लगती है। व्यक्ति काफी पीते-पीते धीरे-धीरे काफी पीने का आदी हो जाता है। जब कोई व्यक्ति काफी पीने का आदी हो जाता है तो काफी का सेवन अचानक बन्द कर देने पर उसके शरीर में 24 से 36 घण्टे में निम्न बदलाव होने लगते हैः

गहरी व पर्याप्त नींद मिलती हैः काफी का सेवन करने पर रात में देर से नींद आती है जिसके कारण सुबह समय से सोकर उठने पर पर्याप्त नींद न ही मिल पाती तथा नींद पूरी कर के देर से उठने पर पूरे दिन की दिनचर्या प्रभावित हो जाती है। काफी का सेवन करना बन्द कर देने पर सोने के लिए पर्याप्त समय मिलता है तथा गहरी नींद आती है। इस प्रकार स्पष्ट है कि काफी छोड़ने का नींद पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

सिर दर्द की समस्या उत्पन्न हो जाती हैः काफी का सेवन करने से काफी से व्यापक मात्रा में मिलने वाला कैफीन नामक तत्व शरीर को उत्तेजित करता है जिससे शरीर चुस्त-फुर्त तथा जागृत रहता है। काफी का सेवन अचानक बन्द कर देने पर काफी से मिलने वाला कैफीन नामक तत्व शरीर को मिलना बन्द हो जाता है जिससे शरीर में सुस्ती तथा सिर दर्द की समस्या होने लगती है।

वजन कम या अधिक हो जाता हैः जब काफी का नियमित तथा सही मात्रा में सेवन करने वाले व्यक्ति काफी का सेवन अचानक बन्द कर देते हैं तो वजन बढ़ जाता है। यदि अधिक मात्रा में काफी का सेवन करने वाले व्यक्ति काफी का सेवन अचानक बन्द कर देते हैं तो शरीर का वजन घ़ट जाता है तथा भूख घ़ट जाती है।

मानसिक तनाव बढ़ जाता हैः काफी का नियमित सेवन करने से इसमें पाया जाने वाला कैफीन मनुष्य के मस्तिष्क को सक्रिय रखता है तथा तनाव को कम कर देता है। काफी का सेवन बन्द कर देने पर कैफीन के अभ्यस्त मानव शरीर को कैफीन मिलना बन्द हो जाता है जिसके कारण मानसिक तनाव में वृध्दि हो जाती है। स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाता है।

चित्त की एकाग्रता कम हो जाती हैः काफी का नियमित सेवन करने से इसमें पाया जाने वाला कैफीन मिलना बन्द हो जाता है जिससे चित्त की एकाग्रता समाप्त हो जाती है।

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