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Knee ligament and its functions in Hindi

Knee ligament and its functions in Hindi

(पैर के घुटने के लिगामेन्ट तथा उसके कार्य)

मनुष्य के पैर के घुटने में पाये जाने वाले लिगामेन्ट पैर की हड्डियों को आपस में जोड़ते हैं तथा घुटने को मजबूती और स्थिरता प्रदान करते हैं। घुटने का जोड़ ऊपर से फीमर हड्डी, नीचे से टिबिया हड्डी, फिबुला हड्डी, फीमर के अग्रभाग में पायी जाने वाली पटेला हड्डी तथा चार प्रकार के लिगामेन्ट से बना होता है। घुटने का जोड़ शरीर के मजबूत जोड़ों में से एक है जिस पर घुटने के ऊपर के सम्पूर्ण शरीर का भार पड़ता है। मनुष्य के चलने, उठने, बैठने, दौड़ने, खेलने, उछल-कूद करनें में घुटने के जोड़ों की अति महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मनुष्य के पैर के घुटने में चार प्रकार के लिगामेन्ट पाये जाते हैं जो कि निम्नलिखित हैंः-

  1. पूर्वकाल क्रूसिएट लिगामेन्ट (A.C.L.)।
  2. पोस्टीरियर क्रूसिएट लिगामेन्ट (P.C.L.)।
  3. मेडियल कोलेटरल लिगामेन्ट (M.C.L.)।
  4. पार्श्व संपार्श्विक लिगामेन्ट (L.C.L.)।

पूर्वकाल क्रूसिएट लिगामेन्ट (A.C.L.) की स्थिति तथा इसके कार्य-

पूर्वकाल क्रूसिएट लिगामेन्ट घुटने के केन्द्र में पाया जाता है तथा फीमर और टिबिया हड्डी को जोड़ता है। यह लिगामेन्ट टिबिया हड्डी के सामने के भाग को फीमर हड्डी के पिछले भाग से जोड़कर तिरछा चलता है।

पूर्वकाल क्रूसिएट लिगामेन्ट के कार्य निम्नलिखित हैंः-

  1. यह लिगामेन्ट घुटने के पीछे तथा आगे की गतिविधि को नियन्त्रित करता है।
  2. घुटने के जोड़ को स्थिर रखने में मदद करता है।
  3. टिबिया हड्डी को फीमर हड्डी के सामने आगे बढ़ने से रोंकता है।
  4. फीमर को टिबिया हड्डी को जोड़ता है।

पोस्टीरियर क्रूसिएट लिगामेन्ट (P.C.L.) की स्थिति तथा इसके कार्य-

पोस्टीरियर क्रूसिएट लिगामेन्ट घुटने के जोड़ के अन्दर पिछले भाग में पाया जाता है तथा फीमर और टिबिया हड्डी को जोड़ता है। यह लिगामेन्ट पूर्वकाल क्रूसिएट लिगामेन्ट से बड़ा और अधिक मजबूत होता है। यह लिगामेन्ट टिबिया हड्डी के पीछे के भाग को फीमर हड्डी के सामने के भाग से जोड़ते हुए तिरछा चलता है।

पोस्टीरियर क्रूसिएट लिगामेन्ट के कार्य निम्नलिखित हैंः-

  1. पोस्टीरियर क्रूसिएट लिगामेन्ट घुटने के आगे और पीछे की गतिविधियों को नियन्त्रित करता है।
  2. टिबिया हड्डी को पीछे जाने से रोंकता है।
  3. घुटने के जोड़ को स्थिर रखता है।
  4. फीमर को टिबिया हड्डी को जोड़ता है।

मेडियल कोलेटरल लिगामेन्ट (M.C.L.) की स्थिति तथा इसके कार्य-

मेडियल कोलेटरल लिगामेन्ट घुटने के अन्दरूनी भाग में घुटने के साइड में स्थित होता है। फीमर हड्डी को टिबिया हड्डी से जोड़ता है। मेडियल कोलेटरल लिगामेन्ट के कार्य निम्नलिखित हैः-

  1. मेडियल कोलेटरल लिगामेन्ट घुटने के जोड़ को पैर के किनारे के किसी भी आघात से बचाता है।
  2. घुटने को आन्तरिक स्थिरता प्रदान करता है।
  3. फीमर हड्डी को टिबिया हड्डी से जोड़ता है।

पार्श्व संपार्श्विक लिगामेन्ट (L.C.L.) की स्थिति तथा इसके कार्य-

पार्श्व संपार्श्विक लिगामेन्ट घुटने के फीमर हड्डी के बाहरी भाग को फिबुला हड्डी के बाहरी भाग से जोड़ता है तथा घुटने को स्थिरता प्रदान करता है।

पार्श्व संपार्श्विक लिगामेन्ट के कार्य निम्नलिखित हैंः-

  1. घुटने को स्थिरता प्रदान करता है।
  2. फीमर हड्डी को फिबुला हड्डी से जोड़ता है।

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