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गन्ने के रस के फायदे और नुकसान

गन्ने के रस के फायदे और नुकसान 

गन्ना की फसल सम्पूर्ण भारत में उगायी जाती है। गन्ने का वैज्ञानिक नाम “सिकेरम औफीसिनरम” है। गन्ने का कई प्रकार से उपयोग किया जाता है, चीनी बनाकर खायी जाती है, गुड़ बनाकर खाया जाता है, रस निकालकर पिया जाता है, जूस बनाकर उपयोग किया जाता है। गन्ने की तासीर ठण्ड़ी होती है। गन्ने का जूस बनाने के लिए गन्ने के रस में स्वाद के अनुसार अदरक का रस तथा नीबू का रस और काला नमक डालकर अच्छी तरह से मिला देते हैं। यही गन्ने का जूस है। एक गिलास गन्ने के रस से 269 कैलोरी उर्जा तथा 100 ग्राम शुगर मिलती है।

गन्ना पोषक तत्वों तथा विटामिन का खजाना है जिसमें कार्बोहाइड्रेट, पोटैशियम, फास्फोरस, मैंगनीज, जिंक, कैल्शियम, कोबाल्ट, आयरन, प्रोटीन, फाइबर, अल्फा हाइड्राक्सी एसिड, विटामिन-ए, विटामिन-बी9 तथा विटामिन-सी पर्याप्त मात्रा में पायी जाती है। गन्ने के रस सेवन से जहां कई फायदे (लाभ) हैं वहीं पर इसके अधिक सेवन से कुछ नुकसान भी होते हैं। इस लेख के माध्यम से गन्ने के रस से होने वाले फायदे तथा नुकसान पर प्रकाश डाला जा रहा हैं। इस लेख का सम्पूर्ण अध्ययन करके आप गन्ने के रस के सेवन से होने वाले फायदों तथा नुकसान के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल कर के लाभान्वित हो सकते हैं।

गन्ने के रस के फायदेः

  1. पीलिया रोग नाशक हैः गन्ने के रस में आयरन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है जिसके कारण गन्ने के एक-एक गिलास रस का दिन में तीन बार नियमित रूप से सेवन करने से शरीर में आयरन की कमी पूरी हो जाती है तथा पीलिया रोग ठीक हो जाता है।
  2. रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृध्दि करता हैः गन्ने के रस में विटामिन- सी प्रचुर मात्रा मे पाया जाता है तथा एण्टी-आक्सीडेन्ट का गुण पाया जाता है जिसके कारण गन्ने के रस का नियमित सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। शरीर स्वस्थ तथा निरोग रहता है।
  3. मुहासों ठीक हो जाते हैः गन्ने के रस में मुल्तानी मिट्टी मिलाकर पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाकर आधा घण्टे बाद ठण्डे पानी से अच्छी तरह से धुल दें। इस पेस्ट को सप्ताह में तीन दिन तक प्रयोग करते हुए तीन से चार सप्ताह तक नियमित रूप से प्रयोग करने पर गन्ने के रस में उपलब्ध अल्फा हाइड्राक्सी एसिड मुंहासों को जड़ से नष्ट कर देता है तथा मुहासे ठीक हो जाते हैं।
  4. शरीर को ऊर्जावान बनाता हैः गन्ने के रस के नियमित सेवन करने से गन्ने के रस में प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला कार्बोहाइड्रेट शरीर को पर्याप्त मात्रा में उर्जा प्रदान करता है जिसके कारण शरीर बलवान तथा ऊर्जावान बनता है। खेल के मैदान में खेल रहे खिलाड़ियों को गन्ने के रस का सेवन कराने पर तत्काल भारी मात्रा में उर्जा मिलती है जिसके कारण तत्काल थकान दूर हो जाती है तथा खिलाड़ी बिना किसी विलम्ब के पुनः खेलने के लिए स्वयं को तैयार कर लेता है।
  5. कब्ज दूर हो जाता हैः गन्ने के रस का नियमित रूप से सेवन करने से मेटाबालिज्म बढ़ जाता है, कब्ज दूर हो जाता है तथा पाचन तन्त्र स्वस्थ हो जाता है।
  6. हाई ब्लड प्रेशर मे लाभदायक हैः गन्ने की तासीर ठण्डी होती है जिसके कारण गन्ने के रस का नियमित रूप से सेवन करने से रक्त वाहिनियां में रक्त का संचार सही हो जाता है तथा ब्लड प्रेशर कम होकर सामान्य हो जाता है।
  7. एसिडिटी मे काफी लाभ होता हैः गन्ने की तासीर ठण्डी तथा प्रकृति क्षारीय होती है जिसके कारण गन्ने के रस का नियमित रूप से सेवन करने से एसिडिटी में काफी लाभ होता है।
  8. कोलेस्ट्राल नियन्त्रित रहता हैः गन्ने के रस का नियमित रूप से सेवन करने से शरीर का बैड कोलेस्ट्राल नष्ट होकर कोलेस्ट्राल नियन्त्रित हो जाता है।
  9. ब्रेस्ट कैंसर में लाभदायक हैः गन्ने के रस का नियमित सेवन करने से गन्ने के रस में पाया जानें वाला ट्रायसिन ब्रेस्ट कैंसर की कोशिकाओं को पनपने से रोंकता है जिसके कारण ब्रेस्ट कैंसर में काफी लाभ होता है।
  10. वजन कम हो जाता हैः गन्ने के रस का नियमित रूप से सेवन करने से शरीर का वजन कम हो जाता है।
  11. यूरिन इन्फेक्शन में अत्यन्त लाभकारी हैः गन्ने के रस का नियमित रूप से सेवन करने से यूरिन इन्फेक्शन में काफी लाभ होता है।
  12. हड्डियां तथा दांत मजबूत हो जाते हैः गन्ने के रस में भारी मात्रा में कैल्शियम होने के कारण गन्ने के रस का नियमित रूप से सेवन करने से शरीर की हड्डियां तथा दांत मजबूत हो जाते है।

गन्ने के रस के सेवन से होने वाले नुकसानः

गन्ने के रस का अधिक सेवन करने से मोटापा आ सकता है। अनिद्रा की समस्या हो सकती है। जो लोग खून पतला करने के लिए किसी दवा का सेवन करते हैं, उन्हें गन्ने के रस का अधिक सेवन नही करना चाहिए अन्यथा खून अधिक पतला हो सकता है तथा खून का थक्का बनने में देरी होने की समस्या हो सकती है। गन्ने की तासीर ठण्डी होने के कारण सर्दियों के मौसम में सेवन करने से सर्दी जुकाम हो सकता है।

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