Yoga

वृक्षासन करने के फायदे और तरीका Benefits Of Tree Pose In Hindi

वृक्षासन

योग एक ऐसा माध्यम हैं जिसकी सहायता से मनुष्य अपने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बरकरार रख सकता है। वृक्षासन भी एक ऐसा आसन है जिसे नियमित करने से एक नही, दो नही अनेकानेक लाभ मिलते हैं। इस आसन को अंग्रेजी भाषा में Tree Pose  कहा जाता है। Tree का अर्थ है पेड़ जो कि हमेशा सीधा खड़ा रहता है। Pose का अर्थ हैं आसन। इस प्रकार वृक्षासन वह आसन है जो मात्र खड़े होकर किया जाता है। यह अपेक्षाकृत कठिन आसन हैं जो सरलता से नही किया जा सकता हैं। इस आसन को शारीरिक दृष्टि से स्वस्थ व्यक्ति को ही करना चाहिए। किसी अस्वस्थ व्यक्ति को यह योगासन नही करना चाहिए। इस योगासन को किसी एकान्त स्थल पर ही शान्त चित्त मनोदशा में करना चाहिए ताकि योगासन करते समय एकाग्रता भंग न होने पाये अन्यथा असन्तुलन में होने पर शारीरिक क्षति हो सकती है।

ऐसे व्यक्ति जो उच्च रक्त चाप, निम्न रक्त चाप से पीड़ित हैं, कूल्हे की सर्जरी कर चुके हैं, माइग्रेन से पीड़ित हैं, घुटने में दर्द है, एड़ियों में दर्द है, वें वृक्षासन को न करें। वृक्षासन करने का सर्वोत्तम समय खाली पेट सूर्योदय के पूर्व का है परन्तु यदि देर रात तक जागते हैं, सुबह नही उठ पाते या सुबह समय नही मिल पाता तो शाम को भी कर सकते हैं परन्तु भोजन के 5- 6 घण्टे बाद करें ताकि पेट खाली रहे।

वृक्षासन करने का तरीकाः

सर्वप्रथम किसी खुले एवं प्राकृतिक हवायुक्त स्थान पर कम्बल, दरी, मैट या अन्य कोई स्वच्छ कपड़े बिछाकर दोनों पैर सावधान की मुद्रा में करके सीधे खड़े हो जाएं। धीरे-धीरे अपने दाहिने पैर को घुटने से मोड़ते हुए ऊपर उठा कर दाहिने पैर के तलवे को अन्दर की तरफ से बायें पैर की जांघ से सटा लें। बांयां पैर सीधा एवं सन्तुलित रहे, तिरछा या टेंढ़ा न होने पाये। तदुपरान्त गहरी व लम्बी सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जा कर नमस्कार की मुद्रा में आ जाएं। सिर, रीढ़ की हड्डी तथा कमर एक सीध में रहें, डिस्बैलेन्स न होने पाय़े। इस मुद्रा में करीब 30 सेकेण्ड से एक मिनट तक रहें तथा धीरे-धीरे सांस लेते व छोड़ते रहें। तत्पश्पचात गहरी सांस लेत हुए प्रारम्भिक मुद्रा में आ जाएं।

अब उपरोक्त सम्पूर्ण क्रिया दाहिने पैर पर खड़े हो कर करें। यही वृक्षासन करने का सर्वोत्तम तरीका है।

वृक्षासन के फायदेः

वृक्षासन एक ऐसा योगासन है जिसके एक नहीं अनेकों फायदे हैं। वृक्षासन के कुछ महत्वपूर्ण फायदे निम्नवत हैः

  1. वृक्षासन करने से सिर से लेकर पैर तक की अंगुलियो पर काफी बल पड़ता है जिसके कारण ये सभी अंग मजबूत तथा हृष्ट-पुष्ट हो जाते हैं।
  2. वृक्षासन का नियमित अभ्यास लम्बाई बढ़ाने में भी मददगार है। जिन बच्चो की लम्बाई नही बढ़ रही हो उनके लिए यह योगासन विशेष फायदेमन्द है। ऐसे बच्चें यदि इस योगासन का नियमित अभ्यास करते हैं तो उनकी लम्बाई में वृध्दि होती है।
  3. वृक्षासन का नियमित अभ्यास करने से तनाव दूर हो जाता है जिससे मानसिक शान्ति मिलती है।
  4. वृक्षासन का नियमित अभ्यास करने से गठिया का दर्द ठीक हो जाता है।
  5. वृक्षासन का नियमित अभ्यास करने से रीढ़ का हड्डी मजबूत तथा सुडौल हो जाती है।
  6. वृक्षासन का नियमित अभ्यास करने से पैरों की एड़ियो का दर्द ठीक हो जाता हैं तथा एड़ियां लचीली हो जाती है।
  7. वृक्षासन का नियमित अभ्यास करने से मनुष्य के शरीर का सन्तुलन बढ़ता है।
  8. वृक्षासन का नियमित अभ्यास करने से कोलेस्ट्राल कम हो जाता है जिसके कारण मनुष्य के शरीर से अनावश्यक चर्वी खत्म हो जाती है जिससे शरीर का वजन कम हो जाता है तथा रक्त चाप की बीमारी में लाभ मिलता है।
  9. वृक्षासन का नियमित अभ्यास करने से डिप्रेशन से निजात पायी जा सकती है।
  10. वृक्षासन का नियमित अभ्यास सपाट पैरों को कम करता है, शरीर मजबूत तथा लचीला हो जाता है।

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